GDP Kya Hai ? GDP कैसे निकालते है? Full Detail.

किसी भी देश की Economical Status को GDP ( जी.डी.पी. ) से आसानी से पहचाना जा सकता है। बीते कुछ वर्षों से भारत की अर्थव्यवस्था खास नही रही है, लेकिन पिछली तिमाही के ये आँकड़े बीते कुछ दशकों के सबसे बुरे आँकड़े हो सकते हैं।

ऐसा सिर्फ इसलिए है, क्योंकि साल 2020 पूरे देश में Lockdown लागू किया गया था ताकि corona virus (Covid-19) को फैलने से रोका जा सके। खाने-पीने की चीज़ों और आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई को छोड़कर बाक़ी सभी आर्थिक गतिविधियाँ इस दौरान ठप रही हैं।

पर क्या आप जनते है कि आखिर यह GDP क्या हैं?, और GDP कैसे निकालते हैं? और देश का GDP से क्या लेनदेन है? अगर नही आपको इस पोस्ट के माध्यम द्वारा Full Details of GDP In Hindi. आसानी से समझ पाओगें। आये समझते है

इससे पहले की हम GDP क्या है ? यह समझें GDP का पूर्ण नाम जान लेते है। क्योंकि GDP एक संक्षिप्त नाम है।

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GDP का Full Form क्या है? 

अक्सर GDP को हम Short Form से ही जानते है। परंतु GDP तीन शब्दो का एक छोटा नाम है। GDP Kawhat Is GDP In Hindi Full Form Gross Domestic Product है। जिसका मतलब है सकल घरेलू उत्पाद यानी कि देश मे उत्पात सभी सामान, चीज वस्तु और सेवाओं की कुल वेल्यु।

GDP Kya Hota Hai ? -What is GDP In Hindi?

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GDP Ka Matlab Kya Hai ? सकल घरेलू उत्पाद (GDP) किसी एक साल में देश में पैदा होने वाले सभी सामानों और सेवाओं की कुल वैल्यू को कहते हैं।

रिसर्च और रेटिंग्स फ़र्म केयर रेटिंग्स के अर्थशास्त्री सुशांत हेगड़े का कहना है कि जीडीपी ठीक वैसी ही है, जैसे ‘किसी छात्र की मार्कशीट’ होती है.

जिस तरह मार्कशीट से पता चलता है कि छात्र ने सालभर में कैसा प्रदर्शन किया है और किन विषयों में वह मज़बूत या कमज़ोर रहा है. उसी तरह जीडीपी आर्थिक गतिविधियों के स्तर को दिखाता है और इससे यह पता चलता है कि किन सेक्टरों की वजह से इसमें तेज़ी या गिरावट आई है.

जैसा कि हमने जाना कि जीडीपी का मतलब है कि किसी भी देश मे पैदा होनेवाले उत्पादन और सेवाओं की कुल टोटल वेल्यु। जिसमे सुई से लेकर हवाई जहाज भी शामिल होते है। तथा इसमें सेवाये भी शामिल है। जीडीपी की गणना एक साल की होती है। इन सभी चीजों तथा सेवाएं खरीदने के लिए जितना खर्च होता है उसे GDP कहते है।

साल मे GDP की गणना कौन और कितनी बार करता हैं।

अब आपके मन मे एक सवाल होगा अखिर कितनी बार साल मे GDP की गणना की जाती हैं। और अखिर इसे कौन करता हैं तो आपको बता दे, इसे सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफ़िस (CSO) साल में चार दफ़ा जीडीपी का आकलन करता है। यानी हर तिमाही में जीडीपी का आकलन किया जाता है। साल यह सालाना जीडीपी ग्रोथ के आँकड़े जारी करता है

GDP की परिभाषा :

जीडीपी की अगर हम टोटल वेल्यु निकलना है तो आखिर हम कैसे निकाल सकते है? आये थोड़ा इसे भी समझे। जीडीपी को हम चार बातों या विकल्प से समझते है।

1. एक साल

2. राजनैतिक सीमा

3. कोई चीज, वस्तु या सेवाएं

4. उस चीज या वस्तु का अंतिम मूल्य

  1. एक साल :

जीडीपी को 1 जनवरी से 31 दिसंबर के बीच निकाला जाता है। इसलिए इसे एक साल की जीडीपी माना जाता है।

2. राजनैतिक सीमाएं :

GDP को हर देश की अलग अलग राजनैतिक सीमाओं में ही रखा जाता है। जैसे कि भारत की जीडीपी को भारत के सीमाओं के अंदर ही नापा जाता है। गुजरात की जीडीपी को महाराष्ट्र की जीडीपी में शामिल नही किया जाता। हा इसके बाद Gross Domestic Product यानी कि GDP निकाला जाता है।

इसमे एक अपवाद भी है कि अगर कोई विदेशी कंपनी भारत मे अपना सामान बना रही है तो वह भारत की ही जीडीपी मे शामिल होगी। बिल्कुल वैसे ही कोई भारत की कंपनी विदेश में जाकर उत्पादन, व्यापार करती है तो वह अपना फायदा तो कमा सकती है परंतु जीडीपी उसी देश मे ही गिनी जायेगी।

भौगोलिक दृष्टि से भले ही देश की सीमा में होनेवाले उत्पादन जीडीपी में शामिल होंगे परंतु भारत या किसी अन्य देश के आसपास के समुद्र में होनेवाले बिसनेस भी उसी देश मे शामिल होंगे। जैसे कि मत्स्य उद्योग, समुद्र में से तेल निकालना आदि।

3.वस्तु या सेवाएं :

उत्पादन में शामिल सभी तरह की वस्तुये जैसे कि प्लास्टिक के समान, घरेलू सामान, टीवी, बेंच , कुर्सी आदि के उत्पादन की कुल कीमतों को कुल टोटल जीडीपी में शामिल किया जाता है।

जीडीपी में सेवाओ की भी गिनती होती है। सेवाये मतलब की ऐसी चीज जो हमे प्रत्यक्ष तौर पर नही मिलती। जैसे कि बस, ट्रैन, विमान का सफर, शिक्षा, फोन के रिचार्ज, मतलब की आपने पैसे दिए और आपको उसकी सेवा मिली बस, ट्रैन, विमान ने आपको एक जगह से दूसरी जगह पहुचाया, शिक्षा में आपने पैसे दिए आपको शिक्षा मिली, रिचार्ज करा तो बात करने की सेवाएं मिली आदि।

4.वस्तु का अंतिम मूल्य :

इन चीजों में उत्पादन हेतु जितनी भी चीजो का उपयोग होता है आखिर में उसकी अंतिम मूल्य दी जाती है। जैसे कि शर्ट बनाने हेतु सबसे पहले रुई, फिर कपड़ा बनाने की लागत, शर्ट बनाने की लागत, फसल में रुई की उगाई की लागत को आखिर में अंतिम मूल्य कहाँ जाता है।

GDP कैसे निकालते है? ( GDP Kaise Nikalte Hai )

इन सभी उत्पादन और सेवाओं को मिलाकर जितनी राशि का देश मे 1 साल में कारोबार हुआ उसे जीडीपी कहाँ जाता है। मान लीजिए कि देश का कुल कारोबार 2.80 ट्रिलियन डॉलर होता है तो उस देश की जीडीपी 2.80 माना जायेगा।

GDP को देश मे होनेवाले आयात या निकास से कोई लेदा देना नही है। यह केवल उत्पादन और सेवाओं का शामिल एक स्वरूप है।

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GDP अच्छी होने के लाभ :

कई लोग यह सोचते है कि जीडीपी अच्छी होने के देश को क्या लाभ है ? जीडीपी द्वारा देश का क्या भला हो सकता है? तो आइए थोड़ा इसे भी समझ लेते है।

1. अगर किसी देश की GDP अच्छी है तो उस देश को उत्पादन की दृष्टि से अच्छा माना जाता है। देश मे कई सारे प्रोडक्ट का निर्माण हो रहा है। इस निर्माण हेतु कई कंपनियां एक्टिव है।

2. कंपनियों का एक्टिव होना अच्छे रोजगार का संकेत देता है।

3. उत्पादन अच्छा होने से विदेशी कंपनिया भी उस देश मे बिसनेस करना चाहती है। यानी और अधिक रोजगार।

4. इससे देश को टैक्स प्राप्ति होती है इसलिए देश उसी पैसो से समृद्ध बन सकता है।

5. अगर रोजगार प्राप्त होता है तो देश के नागरिकों को कहि और दूसरे देश रोजगार के लिए नही जाना होगा।

6. विदेशी कंपनियों का देश मे आने की वजह से नए नए संसाधनों की भी प्राप्ति होती है।

7. अब आखिर में आप समझ ही सकते है कि देश का विकास होता है।

आखिर में आप समझ ही गये होंगे कि जिस देश की GDP सही नही होती उस देश को विकास के तौर से अच्छा नही माना जाता। जीडीपी से ही देश का विकास का निर्माण और विकास का चौपट होना निश्चित होता है।

GDP कैसे देखते है ?

आज तो Google का जमाना है, कोई भी सवाल हो तो गूगल से पुछलो। जीडीपी को भी हम ऐसे ही देख सकते है। आप यहाँ क्लिक करके भी जीडीपी को असानी से देख सकते है।

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आज आपने नया क्या सीखा?

इस लेख में हमने आपको (GDP) जीडीपी क्या होती है?, GDP कैसे निकालते है? आदि की पूरी जानकारी दी हैं और जीडीपी से देश के लिए क्यो महत्वपूर्ण है? येे सब जाना हैैं। हमे आशा है कि हमारी यह जानकारी आपको जरूर पसंद आई होगी। और आप आसान भाषा मे जीडीपी के बारे में जान चुके होंगे। यदि आपको जीडीपी के बारे में कुछ भी समझ ना आए तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है।