Money Laundering क्या होती है ? Money Laundering कैसे की जाती है?

Money Laundering जिससे Black Money को White Money में तब्दील कर दिया जाता है पर क्या आप जानते है आखिर यह Money Laundering Kya Hoti Hai ?,Money Laundering Kaise Hoti Hai ?, इसका पूरा तरीका क्या है ? ( Money Laundering Process Kya Hai ) और सबसे खास बात की मनी लॉन्ड्रिंग से देश क्यो और कैसे बर्बाद होता है ? तो आइये इस पूरी प्रक्रिया को हम इस पूरी पोस्ट के माध्यम से समझते है। आये समझे What Is Money Loundring In Hindi .

Money Laundering

अगर आप नही जानते तो आपको बतादे की Money Laundering ये दूसरे चरण की प्रक्रिया है उससे पहले चरण में हवाला ( Hawala ) किया जाता है । मतलब की Black Money को White Money में रूपांतरित करने हेतु पहले एक प्रक्रिया की जाती है जिसका नाम है Hawala. यह एक आधा काम हुआ है। इसे पूरा करने हेतु जो प्रक्रिया की जाती है उसे Money Laundering कहाँ जाता है। इसके लिए आपको पहले हवाला के विषय मे जानकारी होनी आवश्यक है।

जानिये : हवाला क्या होता है? यह कैसे किया जाता है?

Money Laundering Kya Hoti Hai ?

जैसा कि हमने आपको कहाँ की हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग एक दूसरे से जुड़े हुए है। पिछली पोस्ट में हम हवाला के विषय मे जानकारी को समझे थे। और Hawala के बाद Money Laundering किया जाता है।

हवाला में हमने जाना कि कहीं दूसरे देश से संजय द्वारा भेजे गए पैसे रमेश तक तो पहुँच गये पर वह पैसे तो अभी तक दूसरे देश मे ही है क्योंकि विदेशी हवाला एजंट ने भारतीय हवाला एजंट तक पैसे नही पहुचाये। यह पैसे तो भारतीय एजंट ने अपने पास से दिए थे। इसलिए अभी उनका हिसाब तो बाकी ही रहा न। अब वह पैसे जिस प्रक्रिया से भारतीय एजंट तक पहुचता है उसको Money Laundering कहाँ जाता है।

Money Laundering क्यो होती है ?

जब हवाला द्वारा एक जगह से दूसरी जगह राशि पहुँचाई जाती है तो यह राशि हवाला एजंट से हवाला एजंट के बीच नही पहुँच पाती। क्योकि ऐसा करने में वापस Tax का लफड़ा पैदा होता है। पर जब यह कारोबार अधिक मात्रा में हो जाता है तो जो एजंट पैसे देती है उसके पास पैसो की कमी हो जाती है। जिससे उसकी व्यवस्था गड़बड़ा जाती है। उसके दूसरी तरफ पैसे ना होने की वजह से जब कोई दूसरा हवाला होता है तो पैसे कैसे दे उसकी भी एक समस्या पैदा हो जाती है।

तो अब कारोबार को नियमित रूप से चलाने के लिए जरूरी होता है कि जो पैसा दे दिया गया है उसे वापस भी पाया जाये। तो अब पैसा भेजने में टैक्स के बचने के लिए हवाला कारोबारी Money Laundering का सहारा लेते है।

और सबसे जरूरी बात ब्लैक मनी को व्हाइट मनी भी तो बनाना होता है।

Money Laundering ke tarike :

Money Laundering करने के अलग अलग तरीके होते है यह सिर्फ एक तरीके से नही होती। अलग अलग प्रकार से सरकार की नजरों से इन पैसों का हिसाब चुराकर वापस उनके पास भेज दिया जाता है जिनके पास से पैसे दिए गए होते है। Money Loundering Ke Prakar कुछ निम्नानुसार होते है।

A. Placement
B. Integration
C. Layering

इन तीनो तरीको द्वारा जो Money Loundering करता है जिसे launderer कहाँ जाता है उन पैसो को Cash या कुछ अन्य तरीको से उपयोग ने ले लेता है जिसमे Tax लगे तोह भी बहुत ही कम मात्रा में लगे। आइये विस्तार से तीनों को समझे।

1.Placement :

इस तरीके द्वारा जो launderer होता है वह कोई संस्थानों या बैंको में पैसे नकद जमा करवाता है। यानी कि ब्लैक मनी वापस इकॉनोमी प्रॉसेस में आ जाता है। उसके सामने यह जमा करा हुआ पैसा White Money में परिवर्तित हो जाता है।

2.Layering :

इस तरीके में पैसो को कई बार इधर से उधर ट्रांसफर किया जाता है। जैसे कि एक एकाउंट से दूसरे, दूसरे से तीसरे फिर चौथे, फिर वहां से पांचवे ऐसे कई बार अलग अलग एकाउंट में गुमाया जाता है। इससे बैंक में कई ट्रांसिकशन से उन्हें समझ मे नही आता कि पैसा कहां से आया कितना आया, कितना गया ऐसी भ्रमित करने वाले तरीको से उन पैसो को white Money में कन्वर्ट कर लेते है।

3.Integration :

इस तरीके में पैसो को बार बार गुमाया जाता है फिर किसी ऐसी बैंक में पैसा भेज दिया जाता है जो भारत से बाहर हो और उनकी पॉलिसी के हिसाब से नियम के हिसाब से उन ट्रांसिकशन की जानकारी शेयर नही करते है और फिर वहां से उन पैसो को उस जगह पहुचाया जा सकता है जिससे आतंकवादियों को मदद और संसाधन मिल सके जिससे आतंकवाद पैदा हो। हम यू नही कह रहे मि ऐसा हो तर सम्भव है।

वैसे तो इन तरीके द्वारा ही Money Loundring की जाती है पर इसके अलावा एक और तरीका है जिसका बहुत ही जाता मात्रा में होता वह है Shail Company.

Shail Company ( शैल कंपनी )

यह एक ऐसा तरीका है जिसमे एक फर्जी कंपनी बनाई जाती है। ये बस सिर्फ कागजों में ही होती है असल मे यह एक दिखावा होता है। कंपनी में पैसे इन्वेस्ट कराये जाते है यह वही पैसे होते है जो Black Money होते है। इन्वेस्ट करने के बाद इस कंपनी को बंद कर दिया जाता है।

ऐसा बहाना बनाया जाता है की कंपनी को भारी नुकशान हो गया, कंपनी में आग लग गयी और कंपनी अब बंध होने जा रही है या बंद कर दी। अब जब कंपनी थी ही नही तो इस बहाने वह पैसे वहाँ पहुच जाते है जहाँ पर भेजना होता है। इस प्रॉसेस में थोड़ा सा टैक्स सरकार को जाता है पर बहुत ही कम होता है। Tax देने के बाद यह पैसा White Money हो जाता है।

Money Loundering के नुकशान:

1. मनी लॉन्ड्रिंग में ब्लैक मनी को वाइट मनी में परिवर्तित किया जाता है। जो Tax सरकार को मिलना चाहिए था वह सरकार तक पहुँचता नही इससे देश मे विकास नही हो पाता।

2. कभी कभी मनी लॉन्ड्रिंग द्वारा देश मे आतंकवाद फैलाया जाता है। इस आतंकवाद के लिए जो पैसा आतंकवादियों तक भेजा जाता है वह यह ब्लैक मनी होता है।

3. देश की GDP पर इसका काफी असर पड़ता है और इसका खामियाजा एक सामान्य आदमी को भी चुकाना पड़ता है।

4. मनी लॉन्ड्रिंग द्वारा जमा हुये पैसो से देश की सरकार को भारी खतरा पैदा हो सकता है।

5. मनी लॉन्ड्रिंग के द्वारा हो सकता है काफी पैसा सरकारी पॉलिसी में डाल दिया जाता है और जब यह पता चलता है कि यहां मनी लॉन्ड्रिंग हुआ है तो इस अवस्था मे काफी कुछ नुकशान देखने को मिलता है और इसका शिकार आम जन को भी होता है।

निष्कर्ष :

हमने आपको इस पोस्ट द्वारा Money Loundering Ki Puri Janakari दी। जिसमे हमने जाना की मनी लॉन्ड्रिंग क्या होती है?, यह कैसे होती है? तथा मनी लॉन्ड्रिंग के नुकसान क्या होते है? हमे आशा है कि इस जनकारी को आप सरल से समझे होंगे। फिर भी आपके कोई सवाल है तो हमे जरूर लिखे। हमे यह बताए कि यह पोस्ट आपको कैसी लगी। पोस्ट को पूरा पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। आपका दिन शुभ रहे।

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