Personality Development Kya Hai ?, अपनी Personality Development Kaise Improve Kare ?

    क्या आप जानते है Personality Development Kya Hai ?, Personality Development Kaise Kare ?, अपनी Personality Development Kaise Improve Kare ?, अगर नही तो इस पोस्ट को पूरा पढ़ने के बाद आप अपने व्यक्तित्व को निखार सकते हो। तो आये समझते है How To Improve Personality Development In Hindi.

    आपको आपके आसपास के लोग अपने व्यक्तित्व मतलब की Personality से ही आपसे अधिक जानते है। अगर आपका व्यक्तित्व अच्छा, साफ सुथरा, भरोसेमंद और मस्तमौला हो तो आपकी और लोग खिंचे चले आते है। परंतु कभी कभी ऐसा भी पाया जाता है कि ऐसा होना भी बस नही होता आपको आपके व्यक्तित्व को दिखाना भी जरूरी होता है। जिसके लिए आपको अपनी Personality Development करना जरूरी होता है। पर सवाल वही है कि आखिर यह Personality Development क्या है ? आये समझे। पर इससे पहले की हम जाने की पर्सनालिटी डेवलोपमेन्ट क्या है ? यह जानते है कि Personality क्या है ?

    Personally Kya Hai ?

    हर व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से भिन्न होता है, उनके विचार, आचरण, व्यवहार, क्रिया हर व्यक्ति में अलग अलग पाया जाता है और उसी से ही उस व्यक्ति की पहचान होती है। व्यक्ति के गुणों से ही उस व्यक्ति का व्यक्तित्व जलकता है और उससे ही आगे बढ़ता है और सफलता भी पाता है। कभी कभी व्यक्ति को उसके व्यक्तित्व से ही पहचान मिलती है और व्यक्तित्व से ही एक अपना नाम मिलता है। पर्सनलिटी को हिंदी में व्यक्तित्व भी कहा जाता है।

    असल मे प्राचीन लेटिन भाषा मे एक शब्द है Persona जिसका अर्थ है मास्क यानी मुखौटा। असल मे प्राचीन काल मे जब नाटक हुआ करते थे तो नाटक मिले किरदार के लिए Persona शब्द का उपयोग किया जाता था। इसी से ही Personality जन्म हुआ।

    आपने जाना कि आखिर Personality Kya Hai ?, अब आइये आगे समझते है कि Personality Development Kya Hai ?,  Personality Development Kaise Improve Kare ? (Personality Development Kaise Kare In Hindi)

    Personality Development Kya Hai ?

    Personality Development का मतलब है व्यक्तित्व का विकास, जहाँ व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखार मिलता है। यह एक पूरा क्षेत्र है जिसमे समय के अनुसार व्यक्ति के व्यक्तित्व को डेवेलप किया जाता रहा है। और इसमें और सुधार होता रहता है। इसके माध्यम से व्यक्ति के विचारों, भावनाओ, चरित्र और भाषा मे बदलाव किया जाता है जिससे सामाजिक रूप से मान सन्मान प्राप्त हो।

    आपने देखा होगा कि एक गरीब, माध्यम वर्गीय और अमीर व्यक्ति के विचार, वाणी और व्यवहार में फर्क होता है। परंतु एक गरीब व्यक्ति को अमीर लोगो के बीच रखा जाये या फिर एक धनवान व्यक्ति को गरीब लोगों के बीच मे रखा जाये तो उनमे भारी बदलाव देखने को मिलता है।

    गरीब व्यक्ति धनवान व्यक्ति के जैसे व्यवहार, चालचलन और भाषा को सीखने लगता है और उसके व्यक्तित्व में निखार (Personality Development) दिखाई देता है। जब कि एक धनवान व्यक्ति गरीब के बीच रहकर उनके जैसे बन जाता है। ऐसा इस लिए होता है क्योंकि वह वैसा ही सीखता है।

    ऐसे ही जब किसी के व्यक्तित्व में निखार लाया जाता है या खुद व्यक्ति अपने व्यक्तित्व को विकसित करता है तो उसे Personality Devlopment कहा जाता है।

    Personality Development Ke Fayde :

    आपने देखा होगा कि किसी व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी होने के कारण किसी जगह बोलने में हिचकिचाहट महसूस करता है या शारीरिक भाषा मे फर्क देखने को मिलता है।

    साथ साथ यह भी देखने को मिलता है कि अच्छे और मीठे शब्दो वालो की बोली से लोग प्रभावित होते है, उनको सुनना पसंद करते है और एक भरोसा भी बनाने में कामयाब रहते है।

    इसलिए अगर कोई व्यक्ति अपने व्यक्तित्व को सुधारें (Personality Develop) करें तो जो लोग आपको अहमियत नही देते, सुनना पसंद नही करते, पसंद नही करते है उनको भी अपना बनाया जा सकता है।

    अब आपने यह तो समझ लिया कि Personality Kya Hai?,Personality Development Kya Hai? और Personality Develop करने के फायदे क्या है? आइये अब समझते है कि पर्सनलिटी डेवलोपमेन्ट कैसे करें?

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    हमे आशा है कि आप समझ चुके होंगे कि Personality Development Kya Hai ?, अब आगे यह समझते है कि  Personality Development Kaise Improve Kare ?, (Personality Development Kaise Kare In Hindi)

    Personality Development Kaise Improve Kare?

    Personality Development एक कला होती है जिसका अभ्यास करने पर आपके व्यक्तित्व में निखार आता है। कुछ बातों का ध्यान रखकर आप अपनी खुदकी पर्सनलिटी को निखारा जाता है। निम्नलिखित उपायों से आप अपनी Personality Development Improve कर सकते हो। आइये समझे How To Improve Personality Development In Hindi.

    Self Confidence (आत्मविश्वास):

    अगर आप अपने व्यक्तित्व का विकास करना चाहते हो तो सबसे पहले आपको अपने अंदर आत्मविश्वास को जगाना होगा। आपको नकारात्मक सोच को दूर कर अपने अंदर सकारात्मक सोच को उत्पन्न करना होगा।

    किसी भी कार्य को लेकर आपको एक ऐसी सोच बनानी होगी कि ” हां में कर सकता हु, में किसी से कम नही हु, हो जाएगा “, ऐसा ना सोचे कि ये मुझसे नही होगा, में क्या कर सकता हु, Self Confidence एक ऐसी चीज होती है जिसके जरिये आप कुछ भी कर सकते हो। याद है ना दशरथ माजी ने केवल हथौडी और छैनी की मदद से पूरे पहाड़ को काटकर रास्ता बना दिया था।

    आँख मिलाकर बात करें:

    आप जब भी किसी से बात करे आँख से आँख मिलाकर बात करें। आसपास ना देखते हुए आँख से आँख मिलाकर बात करना एक सच्चाई बयान करती है कि आप जो कुछ भी कह रहे हो सच है। इससे एक भरोसा जन्म लेता है।

    शारीरिक भाषा मे सुधार:

    बातचीत करते हुए आपकी Body Language जिसे शारीरिक भाषा भी अहम रोल निभाने में मदद करती है। कभी कभी तो कुछ भी ना बोलते हुए आपकी बॉडी लेंग्वेज सबकुछ बयान करती है।

    शारीरिक भाषा बता देती है कि आप सहमत हो या नही, आप सकारात्मक हो या नकारात्मक, इसलिए जब भी आप किसी से बात करे या बात सुने आपकी शारीरिक भाषा अच्छी बनाये रखे।

    हँसना और हँसाना सीखें:

    कहते ना हँसी एक सबसे बड़ी दवाई हैं। अगर आप किसी भी हँसा सकते हो तो इसका मतलब है कि लोग आपको सुन रहे है। लोगो को हँसना अच्छा लगता है। और आप वही काम करते हो जो दूसरों को पसंद है तो सामने वाला आपको भी पसंद करने लगता है।

    ऐसा नही की आप किसी पर मजाक कर रहे हो और लोग आपका साथ दे (हँसी में)। आपको अपने पर भी हँसना आना जरूरी होता है। कोई मजाक आपके ऊपर हो तो आपको अपने पर हँसना आना चाहिए।

    विनम्रता:

    कहते है ना कि जो दूसरे के सामने ज़ुकता है वह सभी को पसंद होता है। आपको विनम्रता सीखनी बेहद जरूरी होती है। सभी से विनम्र बने, विनम्रता से मिले, बात करें, सभी का मान रखें। ऐसा करने से आप वही पाते हो जो आप किसी को देते है। सामने वाला आपसे भी विनम्रता से बात करता है।

    शांत रहे:

    हमेशा अपना स्वभाव शांत रखे, कई बार ऐसा होता है कि हम अपना आपा खो देते है और बहुत ही उग्र हो जाते है। ऐसा बिल्कुल ना करें। एक बार उग्र होने से पहले सोचे समझे। अगर ऐसा होता है तो संभव हो तो उस समय आप कुछ ना बोले या कुछ भी ना करें।

    क्योकि गुस्से से लिया गया फैसला आपको आगे नुकशान पहुँचा सकता है।

    नये लोगो से मिले:

    आप जहाँ पर भी होते है उसके आसपास ऐसे लोग होते है जिससे आपको पहचान बनानी होगी या पहचान बनाना सीखना होगा। इससे आपको यह लाभ होता है कि आप हर किसी की भाषा, समाज,व्यक्ति से परिचित होते है। आपको बातचीत करने में आसानी होती है तथा आपको सिख भी मिलती है।

    हमेशा सीखते रहे:

    आपको हमेशा कुछ ना कुछ सीखते रहना होगा। आप इसके लिए आपको हर पल कुछ ना कुछ नया सीखना होगा। नई नई जानकारी आपके लिए लिए फायदेमंद साबित होगी। और आपको हमेशा एक्टिव रहने में मदद करेगी।

    अगर आपको कुछ विषय मे जानकारी नही है तो बिना संकोच पूछने की आदत डालें।

    किताब पढ़े:

    आपको अच्छी और ज्ञानवर्धक किताब पढ़ने का शौख पैदा करना होगा। आप इंटरनेट का भी विकल्प चुन सकते हो। अगर आप अच्छी तरह से पढ़ते हो तो इसका मतलब है कि आप में एकाग्रता है। किताबे आपको शांत बनाती है।

    अगर आप किसी लाइब्रेरी में पड़ने के लिए जाते हो तो आप देखते हो कि वहाँ का माहौल एकदम शांत होता है। ऐसे माहौल में आपकी एकाग्रता में निखार आता है।

    अच्छा श्रोता बने:

    केवल कहना ही काफी नही होता आपको किसी की बात को अच्छे से सुनने की आदत भी होनी चाहिए। सामनेवाला यही चाहता है कि कोई मेरी बात को सुनें। इसलिए एक अच्छा वक्ता होने से ज्यादा जरूरी होता है कि एक अच्छा श्रोता होना।

    इससे आप उनकी बातों को सुनकर सोच समझकर सही और उचित जवाब दे सकते हो।

    सोच समझकर बोले:

    कहते है कि सुई का काम तलवार नही कर पाती। इसलिए आप जहाँपर भी बातचीत करे तो पहले सोच विचार ले कि आप क्या बोलने जा रहे है। अगर आपको ऐसा लगता है कि आपको कुछ सूज नही रहा तो मौन रहे।

    क्योकि जो शब्द होते है एक तीर के समान होते है। एकबार आपके मुंह से जो शब्द निकल जाते है उसे आप वापस नही ले सकते। कभी कभी ऐसा होता है कि हम बोल तो देते है पर बाद में यह दुख होता है कि में क्या बोल गया। इसलिए सही समय पर सही वाक्य का उपयोग करें। आपको जिस चीज की जानकारी नही है तो उस अवस्था मे गलत ना कहे।

    प्रामाणिक बने:

    किसी भी बड़े व्यक्ति में सबकुछ हो पर वह ईमानदार या प्रामाणिक नही तो उसकी हस्ती ज्यादा दिन तक नही रहती। इसलिए आपके व्यक्तित्व में प्रमाणिकता होना बेहद आवश्यक होता है। इसलिए आपको हमेशा प्रामाणिक रहना होगा। बाकी सबकुछ हो परंतु अगर ईमानदारी आपके व्यक्तित्व में ना हो तो कोई मतलब नही रहता।

    भरोसेमंद बने:

    आपको किसी का भी भरोसा जितना आना चाहिए। इसके लिए आपको मददगार बनना होता है। क्योंकि अगर आप किसी की भी मदद करते हो तो हर कोई आपपर भरोसा करने लगेगा। इससे लोग आपसे जुड़े रहेंगे तथा आपके सन्मान भी बढ़ता है।

    माफी मांगना सीखे या माफ करना सीखें:

    अगर आपसे कोई गलती हुई है या अनजाने में आपने किसी को भी भराबुरा बोल दिया है तो आपको माफी मांगना आना चाहिए। माफी मांगने से ना आप छोटे हो जाते हो और ना ही सामनेवाला आपसे बड़ा। ऐसा करने से सामनेवाला फिर आपका बन जाता है और आपके मन से वह भाव भी निकल जाता है।

    जैसे आपको माफी मांगना आना चाहिए वैसे ही अगर कोई आपसे माफी मांगता है तो वह यह चाहता है कि आपसे उसका रिश्ता खराब ना हो और ऐसा कहा भी जाता है कि माफी मांगनेवाले से माफ करनेवाला बड़ा होता है।

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    ऊपर बताए गए कुछ उपायों को आजमाकर आप अपने Personality Development Improve Kare Skate Ho ?. इसके अलावा Google Play Store पर Personality Development App है जो आपको बेहद काम आ सकती है।

    निष्कर्ष:

    इस पुरे लेख में हमने समझा कि Personality Development Kya Hai ?, Personality Development Kaise Kare ?,(Personality Development Kaise Kare In Hindi)

    , अपनी Personality Development Kaise Improve Kare ?, हमने आसान भाषा मे इस बिषय को समझा। हमे आशा है कि आपको Personality Development Kaise Improve Kare ? इस विषय मे अगर आपके कोई सवाल हो या अन्य कोई सुजाव हो तो हमे जरूर कॉमेंट करें। पोस्ट को पूरा पढ़ने हेतु आपका दिल से धन्यवाद।

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