दुनिया का सबसे बड़ा कुंभ मेला, जानिए क्या है इस बार कुंभ की व्यवस्था ?

kumbh mela

कुंभ के मेले को दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक मेला कहा गया हे,जो 14 जनवरी से शुरू हो गया ह और 4 मार्च को ख़त्म होगा। इस मेले में लगभग 15 करोड़ लोगो के आगमन की उम्मीद जताई जा रही हे जिसमे करीब 10 लाख विदेशी नागरिक होंगे,

सबसे बड़े मेले के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने काफी समय पहले से इसकी तैयारियां शुरू कर दी थी। उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है इससे पहले मेला मेला 20 वर्ग किमी में होता था परन्तु इस बार ये मेला 45 वर्ग किमी के दायरे में होने वाला हे। ऐसा इससे पहले नहीं हुआ।

मेले के सजावट के लिए भी भरपूर आयोजन किया गया हे.उनमे सबसे खास हैं टेंट सिटी। आपको बतादे की करीब 50 करोड़ रुपये की लागत में ऐसी 4 टेंट सिटी बनाई गई हैं। जिनके नाम हैं क्रमशः वृक्ष, कुंभ कैनवास, वैदिक टेंट और इंद्रप्रस्थ सिटी रखा गया हे। कुंभ मेले के अनुसार आयोजन पर कुल खर्च 4300 करोड़ रुपये आएगा।कुंभ मेले की थीम इस बार इस स्वच्छ कुंभ और सुरक्षित कुंभ रखी गई है। इसके लिए सरकार द्वारा 10 करोड़ लोगों को मेले में आने के लिए मोबाईल पर आमंत्रण भी भेजा गया है।kumbh mela

भारत में कुंभ 4 जगहों पर मनाया जाता हे जिनके नाम है, प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक। अलग अलग स्थान पर हर 12वें साल कुंभ का आयोजन किया जाता है। यहां प्रयागराज में दो कुंभ पर्वों के बीच याने की 12 साल के बीच में हर 6 साल के अंतराल में अर्धकुंभ भी मनाया जाता है। इससे पहले 2013 में प्रयागराज में पिछला कुंभ लगा था। इस बार जो आयोजित हो रहा है वह अर्धकुंभ है।कुंभ के मेले की शुरुआत मकर संक्रांति के दिन से होती है।

कुंभ यानि की कलश। समुद्र मंथन के दौरान अंत में निकला अमृत कलश। कुंभ की मान्यता है कि जब समुद्रमंथन हुआ था तब देवता और असुरों के बीच अमृत कलश को लेकर छिनाछपटी हुई थी। उसी छिनाछपटी में अमृत की कुछ बूंदें धरती की तीन नदियों में गिरी थीं। इन नदियो का नाम  हैं, गंगा, शिप्रा और गोदावरी।kumbh mela

इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने काफी सुविधा भी दी हुई हे जैसे की पीने के पानी के लिए 690 km लम्बी पाइपलाइन बिछाई गयी हे और 800 km तक बिजली की व्यवस्था की गई हे। इस बार कुंभ खास होगा क्यों  सरकार द्वारा यहां 2 इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड एंड सेंटर बनवाए गये है जिसका काम ट्रैफिक और भीड़ पर काबू रखने का होगा इन सेंटरों में एक सेंटर का खर्चा 116 करोड़ रूपये हे।

इसबार कुंभ में पहेली बार ऑर्टीफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल देखने को मिलेगा।इससे भीड़ पर नियत्रण रखा जायेगा। चार टेंट में 1 लाख कॉटेज बने हुए हे। बताया जा रहा हे की इसमें 600 रसोई घर भी हे इसके अलावा 200 atm की भी व्यवस्था की गयी हे।