एमसी मेरी कॉम ने मारा जीत का सिक्सर

एमसी मेरी कॉम का नाम महिला बॉक्सिंग में विश्व विख्यात है। इस प्रसिद्धि को उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन से अर्जित किया है। जब भी किसी खेल में महिलाओं की बात होती है तो सबसे पहले भारतीय महिलाओं का ही विचार आता है चाहे वह बैटमिंटन हो या टेनिस, क्रिकेट हो या हॉकी, मुक्केबाज़ी हो या कुश्ती, भारतीय महिलाओं का परचम हर क्षेत्र में लहरा रहा है। इससे पता चलता है कि एक बार जो महिला ठान ले तो वह चीज़ कर के ही दम लेती है। इस बात का प्रमाण मेरी कॉम के तात्कालिक मैच को देखकर बखूबी पता चलता है।

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विश्व चैंपियनशिप में मेरी कॉम ने अपनी छठी जीत दर्ज कर विश्व को यह संदेश दिया कि भारतीयों को किसी काम में कम नहीं समझना चाहिए। दिल्ली स्थित केडी जाधव हॉल में हुई 48 किलो कैटेगरी के इस फाइनल मुकाबले में मेरी कॉम ने यूक्रेन की हन्ना ओकोत को 5-0 से हराकर इतिहास रच दिया है। जीत के बाद हॉल में तिरंगा लहराते वक्त मेरी की आंखें छलक उठीं।

भावुक मेरी ने कहा, “मैं इस जीत के लिए अपने सभी चाहने वालों को शुक्रिया अदा करती हूं, जो मुझे यहाँ समर्थन करने के लिए आया है मैं उन सभी की तहेदिल से शुक्रगुज़ार हूँ। मेरे लिए बहुत महान पल है।” इससे पहले मेरी और कैटी टेलर 5-5 वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतकर बराबरी पर थी। परंतु अब भारत की मेरी कॉम विश्व की सर्वाधिक चैंपियनशिप जीतकर प्रथम स्थान पर है।