Train 18 का परीक्षण के दौरान रास्‍ते में बदमाशों द्वारा पथराव , मिली व्यवस्था ठुकरा रहे भारत के लोग।

train 18 damaged

अभी तक की सबसे आधुनिक ट्रेन Train 18 की टॉप स्‍पीड गुरुवार को दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से आगरा कैंट स्टेशन के बीच परखी गई. ट्रेन 18  181 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने में सफल भी रही थी, लेकिन कहते हे न भारत एक संवेदनशील देश हे। इस लिए कुछ शरारती तत्‍वों ने पत्‍थर मारकर Train 18 कांच तोड़ दिया.

इससे पहले भी रेलवे मंत्री रहे चुके सुरेश प्रभु ने एक अंत्यत आधुनिक ट्रैन का परिक्षण किया पर उसकी भी हालत क्या हुई हमें पता हे। उसके न केवल कांच तोड़े गए उस ट्रैन में से तो ट्रैन में लगाई व्यवस्था को चोरी कर लिया गया या फिर ख़राब कर लिया गया। उसमे लगी एलसीडी भी लोग उठाकर अपने घर ले गए या फिर उस पर स्क्रेच कर ख़राब किया गया।

आखिर क्यों भारत जैसे देश में ही ऐसा होता हे ? क्यों यहाँ के लोगो को अगर अपना देश आगे बढे वह देखा नहीं जाता। भारत बहार के देशो के संस्कार अपना रहा हे पर अंदर से वही गवार हे। अगर ऐसा ही चलता रहा तो ना हमें ऐसी व्यवस्था मिलेगी न हम उसका उपयोग कर पाएंगे। और फिर सरकार को दोष देते हुए कहेंगे की भारत जैसे देश का कुछ नहीं हो सकता पर अगर हमें भारत देश को सुधारना हे तो खुद सुधारना पड़ेगा।