बाघिन अवनी को मारने वालों ने कहा : मैंने वही किया जो जिम कॉर्बेट करता है

कई लोगों की जान लेने वाली बाघिन अवनी की मौत के बाद से ही उसे मारने वाले सवालों के घेरे में हैं। जब बाघिन को मारने वाले शहाफत अली से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने और उनके बेटे ने जो किया वह महाराष्ट्र वन्य विभाग के फैसले के आधार पर किया। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया था।

बाघिन अवनी

नरभक्षी बाघिन अवनी को मारने वाले पिता शहाफत अली और उनके बेटे असगर अली खान ने आरोप लगाने वाले एनजीओ के बारे में कहा कि उन्हें जमीनी हकीकत की जानकारी नहीं है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी पर भी मानहानि का केस करने को कहा। शहाफत अली ने कहा कि वन्य जीव सुरक्षा कानून बनने से पहले उन्होंने कई शिकार किए हैं। लेकिन कानून बनने के बाद कभी शिकार नहीं किया। उन्होंने भारत में समस्या देने वाले करीब 50 जानवरों को मारा है या फिर शांत किया है। यह काम उन्होंने 40 ऑपरेशंस के तहत किया है।

असगर अली खान का कहना है कि वन्यजीव कार्यकर्ता अवनी की मौत को हत्या बता रहे हैं। उसे मारने का निर्णय भी अचानक लिया गया था। उसपर इसलिए गोली चलाई क्योंकि वह सुई लगने के बाद वनकर्मियों के ऊपर छलांग लगा रही थी। उन्होंने कहा कि उनपर लगाए जा रहे सभी आरोप गलत हैं।

शहाफत अली ने कहा कि वह वही काम कर रहे हैं जो जिम कॉर्बेट वाले करते हैं। उन्होंने भी समस्या देने वाले बाघों को मारा था। उन्होंने कहा कि जो जानवर परेशानी देते हैं उन्हें मारने का दूसरे देशों में भी होता है। इसलिए जो भी राजनेता और कार्यकर्ता उनपर आरोप लगा रहे हैं, उन्हें आरोप लगाना बंद करना चाहिए।