जर्मनी की सरकार ने लिया फैसला मस्जिद के विदेशी मददगार के ऊपर रखी जाएगी नजर

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद पिछले कुछ वर्षों से जर्मनी में दक्षिणपंथी नेताओं के उभरने के साथ ही देश की नीतियों में कई बदलाव देखने को मिल जाएंगे आमतौर पर शरणार्थी मुस्लिम परिवारों और उनके मामलों में उदारता बरतने वाली जर्मनी सरकार ने देश की मस्जिदों को आर्थिक मदद देने वाले सऊदी अरब कतर को वैध और खाड़ी देशों से आग्रह किया है कि मैं ऐसी किसी भी रकम के बारे में जर्मनी के अधिकारियों को अवश्य बताएं

इस फैसले से देश की मस्जिदों में बढ़ते कट्टरपंथ को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है इंडिया की रिपोर्टों में कहा गया था कि सरकार ने घरेलू और विदेशी खुफिया सेवाओं से इस बात पर नजर रखने को कहा है कि कौन मदद भेज रहा है और मैं मदद देश ने किस रूप में मिल रही है कुवैत के साथ सहयोग के अच्छे नतीजे मिलने शुरू भी हो गए हैं जबकि अन्य मुस्लिम देश इस बारे में जर्मन सरकार का सहयोग करने से हिचक रहे जर्मनी में बढ़ती दक्षिणपंथी तक तुम को बीच देश के मुसलमानों पर मस्जिद टैक्स लगाने की बातें चल रही है ऐसा इसलिए ताकि उसे मस्जिद की फंडिंग की जा सके जर्मन समेत कई यूरोपीय देशों में ईसाइयों से Church ताकि चर्च की हार्दिक जरूरतें पूरी की जा सके मुसलमानों पर इस तरह के टैक्स का मस्जिद पर विदेशी प्रभाव को घटाने में मदद मिलेगी

जर्मनी के संयुक्त आतंकवाद निरोधी सेंटर की रिपोर्ट के आधार पर सरकार 2015 से जर्मनी में अरब खाड़ी देशों से आए सलाफी बिश्नोईयों की गतिविधियों की निगरानी कर रही है

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