Sex की व्याख्या क्या हे ?

सम्भोग

Sex(सम्भोग) उस क्रिया को बोलते हैं जिसमें आदमी का लिंग औरत की योनि में प्रवेश करता है सेक्स को लेकर अलग-अलग जीवित प्राणियों में अलग अलग से सेक्स हो सकता है सेक्स को योनि मिथुन काम रात्रि क्रिया भी कहते हैं।

हमारी प्रकृति में बहुत पुराने समय से संभोग मुख्य काम वंश को आगे चलाना मां संतान उत्पन्न करना जहां कई जानवर और मनुष्य  सिर्फ अपने बच्चों को पैदा करने के लिए एक निश्चित मौसम में सेक्स करते हैं वही इंसानों में संभोग इस वजह के बिना भी हो सकता है सेक्स इंसानों में सुख प्राप्ति है प्यार और जरूरत दिखाने का एक अवसर होता है सेक्स से पहले की क्रिया को अंग्रेजी में फोरप्ले कहते हैं इस क्रिया के दौरान प्रत्येक प्राणी शरीर से कुछ विशेष प्रकार की सौगंध उत्सर्जित होती है जो दूसरे दूसरे लिंगी भी समलिंगी के मिथुन को उत्तेजित करती है।

कुछ जीवो में सेक्स(सम्भोग) क्रिया मौसम के अनुसार पाई जाती है फोरप्ले से लेकर चरमोत्कर्ष के प्राप्ति तक संपूर्ण प्रक्रिया Sex या संभोग बोली जाती है बशर्ते कि लिंग व्यवहार यह कार्य सिर्फ दूसरे लिंग वाले के बीच हो रहा हो कई ऐसे प्रकार के Sex है जिनमें लिंग का उपयोग और मादा के बीच नहीं होता है जैसे मुखमैथुन ,गुदामैथुन तो कहा जा सकता है परंतु उसे सेक्स नहीं बोला जा सकता।

ऊपर बताए गए प्रकार से सेक्स(सम्भोग) मैथुन अस्वाभाविक और गैर प्राकृतिक व्यवहार के अंदर आते हैं या फिर सेक्स के साधनों के अभाव में केवल मानव की स्वभाविक संतुष्टि का उपाय भी कहा जा सकता है लेकिन उसे संभोग नहीं बोला जा सकता। हमारे समाज में सेक्स का विषय एक शर्म पैदा करनेवाला मुद्दा भले हो पर उसी समाज के लिए आज सेक्स हमारे लिए जरुरी बना हुआ हे।