देश के राजनेताओं में सत्ता पाने की भूख।

2019 का चुनाव नजदीक आ रहा है हर राजनेता सत्ता पाने के लिए अति आतुर है। मैं सत्ता पाने की बुक में कुछ भी करने को तैयार है चाहे वह किसी को गाली देने से लेकर देश से गद्दारी तक को तैयार हैं बस उन्हें केवल अब सत्ता ही दिखाई देने लगी है।

हमारे देश का सबसे बुरा यही कारण है कि राजनेता यह नहीं देखते कि राष्ट्र का किस किस चीज से हित होने वाला है किस चीज से ही उन्हें इससे कोई लेना देना नहीं है। उन्हें केवल एक ही चीज चाहिए केवल सत्ता और मैं इसके लिए कुछ भी कर गुजरने के लिए तैयार है चाहे उन्हें देश के घुसपैठियों की पैरवी करनी पड़े या उनके पैर छूने पढ़े सब कुछ करने के लिए तैयार है।

चाहे उन्हें धर्म पर राजनीति करने के लिए हो या देश में दंगे कराने हो इसमें तनिक भी संकोच नहीं करते और सब कुछ करने के लिए तैयार हो जाते हैं। यह हमारे देश का दुर्भाग्य है कि हमारे देश के लोग उन्हें ही वोट करते हैं जो इन सब चीजों की राजनीति करते हैं। शायद इसका एक बड़ा कारण है कि हमारे यहां आज भी जातिवाद हावी है जो यह कहता है कि हमारा जाति का देखते गलत हो तो कि हम उसके साथ खड़े  है। लेकिन यह सब गलत है शायद अगर वह शिक्षित हो तो यह बात समझे लेकिन हमारे यहां 40 परसेंट वोटर ऐसे हैं जो बिल्कुल अनपढ़ हैं और वह देश का हित अहित नहीं समझते और वोट करते हैं।

 

सत्ता के लिए दुश्मन भी बनते है दोस्त।

कुछ राजनेताओं में सत्ता की कितनी भूख है जिन्हें वह अपने दुश्मन कभी कहा करते थे आप एक दूसरे से दोस्ती कर लेते हैं। और सत्ता का खाना बना कर एक दूसरे को प्यार से खिलाने के लिए तैयार हो जाते हैं। आज सत्ता के लिए हर राजनेता पागल है और उससे भी ज्यादा पागल है हमारी यह की मौत वोट करने वाली जनता वो ऐसे लोगों को वोट करती है जो उसे हमेशा बांटते रहते हैं शायद।

 

आजादी के बाद कई देश हुए हमसे आगे।

शायद जनता उनकी यह बात नहीं समझते हमारे देश की भोली-भाली जनता के अंदर इतनी समझ होती तो हमारा राष्ट्र एक विकसित राष्ट्र में शुमार होता चीन हमसे 2 साल बाद आजाद हुआ चीन आज कहां है हम कहां सिंगापुर हमारे साथ आजाद हुआ वह कहां है। और हम कहां है बहुत फर्क पड़ता है हमारे यहां की राजनीति हमेशा के अंदर ही बाकी राजनीति प्रगतिशील नहीं जो हमारे सामने है जापान पर 1945 में परमाणु हमला हुआ था जापान पूरी तरह से तबाह हो गया था आज जापान कहां है और हम कहां है

यह सब राजनेताओं का ही करता है हमारे राजनेताओं मैं केवल सत्ता का सुख भोगने के लिए और बाकी देशों के राजनेता अपने देश की उन्नति के लिए पहुंचते हैं। बस यही जाता है हमारे राजनेता गंदी राजनीति करते हैं इस सब से ऊपर उठकर हमें अपने राष्ट्र के बारे में सोचने वाले पर भरोसा करना होगा हमें राष्ट्रहित में वोट करना चाहिए।