कांग्रेस सरकार ने मध्य प्रदेश में वंदे मातरम गाने पर लगाई रोक।

cm kamalnath banned vandemataram

कांग्रेस पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीतने के बाद 18 में जीत के जैसन में कई नए और बड़े बड़े ऐलान किया परंतु कांग्रेस सत्ता में आते ही मध्य प्रदेश में कई तरह के बदलाव किए। हाल ही में सुनने को मिला की कांग्रेस के जितने भी अध्यक्ष थे जेल पर गैर कानूनी और बहुत महत्वपूर्ण आरोप लगे हुए थे उन सभी आरोपों पर कमलनाथ ने सफाई देते हुए यह कहा कि कांग्रेस मंत्री उपाय लगे हुए सारे केस बेबुनियाद है।

दरअसल बात यह है कि मध्य प्रदेश के मुख्य सचिवालय में पिछले 14 सालों से हर महीने की पहली तारीख को वंदे मातरम का गाना सुबह सुबह गाया जाता था और उसके बाद फिर काम की शुरुआत होती थी। इसमें मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भी हिस्सा बनते थे परंतु कांग्रेस के मध्य प्रदेश में स्थान आते ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी रोक लगा दी।

मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री कमलनाथ क्या कहना है कि जो वंदे मातरम गाने के रोल थे वह जानबूझकर कर्मचारियों का थोपे गए थे। और अब कोई भी कर्मचारी वंदे मातरम नहीं आएगा मध्य प्रदेश के मुख्य सचिवालय में नए साल पर वंदे मातरम नई गाया गया। कमलनाथ का यह कहना है कि जो व्यक्ति वंदे मातरम नहीं गाता वह देश भक्त है और जो गता है वह भी देशभक्त हैं। तो किसी भी व्यक्ति को यह परिणाम देने की जरूरत नहीं।

किसी भी भारतीय नागरिक को कोई प्रमाण देने की जरूरत नहीं है कि वह वंदे मातरम गए हो तभी वह भारत से और अपने देश से प्यार होता है। यह कहते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम गाबे पर रोक लगा दी और कहा कि हम इसको नए नियम से लागू करेंगे।