teen talaak से किसी महिला के साथ अन्याय न हो।

विपक्ष teen talaak को बना रहा है मुद्दा ।

teen talaak निश्चित रूप से एक बडी सामाजिक कुरुति हैं। इस पर कानून बने तो कोई बुराई नहीं। लेकिन, इस पर लगाम तभी लगेगी, जब समाज के लोग जागरूक होंगे। इस मसले को राजनीति से दूर तो नही रखा जा सकता हैं। लेकिन दलो को teen talaak मुद्दा बनाने से परहेज करना चाहिए। सरकार और विपक्ष को मिलकर प्रयास करना चाहिए कि किसी भी महिला के साथ अन्याय न हो। संसद में चर्चा के दौरान सामने आया कि एक साल में 177 मामले teen talaak के आए। लेकिन ये आंकड़ा भी पेश होना चाहिये था कि कुल कितने मामले तलाक के आए। मुस्लिम समाज को भी समझना चाहिए कि teen talaak की व्यवस्था कायम रखने से किया समाज का भला हो सकता हैं। सनातन धर्म में भी कई ऐसी कुरीति थी, जो खत्म हो चुकी हैं।