मोहल्ला अस्सी फिल्म पर बात

Mohalla assi movie

मोहल्ला अस्सी पर बात करते हुए प्रसिद्ध साहित्यकार काशीनाथ सिंह कहीं पर कह रहे थे आशंका थी कहीं मारधाड़ की फिल्म में काम करने वाला बड़ा कलाकार एक गरीब ब्राह्मण की भूमिका में कैसा लगेगा कर पाएगा या नहीं कर पाएगा।

सनी देओल इतने सक्षम इतने सधे कलाकार हैं कि हर सांचे में अपने को ढाल सकते हैं अब इसकी कहानी पर आते हैं यह शास्त्री की पहली शादी थी उनके एक लड़का एक लड़की दोनों की शादी हो चुकी थी 6 महीने हुए बेटा घर छोड़कर चला गया था लोग कहते थे अगर उनकी आदत ठीक ठाक रही होती तो बेटा बहू घर पर ना रहता शास्त्री के पास 3 बच्चियां दो बच्चे होते हैं जिनका पालन करते हैं करनी गुरु के कहने पर मामले नाम की एक विदेशी महिला को अपने घर पर सहज रख ले अपने को तैयार हो जाते है तो उनकी पत्नी बहुत गुस्सा करती है लेकिन शास्त्री बनारस के उन कई चला पंडों की तरह जो धर्म भीरु लोगों और विदेशियों को आसानी से पैसा निकलवा लेना जानते हैं।

लेकिन मोहल्ला अस्सी धर्म नाथ शास्त्री ऐसे नहीं है बस आदर्शों वाले स्वाभिमानी है फिल्म में उन्हें इस प्रकार दिखाया गया है कि विदेशी अपने घर पर पेइंग गेस्ट के उनके निर्णय भी उनकी चालाकी और कुटिलता से अधिक अपने ज्ञान शिव परिवार का पालन पोषण ना कर पाने और आर्थिक तंगी से जूझने कि उनकी मजबूरी सहानुभूति पैदा करता है यही कारण है जब शास्त्री जी की पत्नी उनके चरित्र को लेकर आया था कथा बातें करती है तो वह फिल्म के उनके व्यक्तित्व से मेल नहीं खाता 2011 में फिल्म की शूटिंग के दौरान आने वाली खबरों में कहा गया था कि काशी नाथ सिंह ने फिल्म के लिए कथा में भी संशोधन की है इसमें सर्वाधिक संशोधन फिल्म के अंत को लेकर है जिसमें विदेशी के बाथरूम के लिए शिवलिंग के टूट जाने पर शास्त्री और उनकी पत्नी के द्वारा नया शिवलिंग लाने का दृश्य है।

यह पसंद पांडे कौन कुमति तोहे लागी मैं नहीं है प्रदर्शन के लिए लंबा इंतजार करने वाली इस फिल्म तक पहुंचते पहुंचते धर्म नाथ शास्त्री इस प्रकार बदल जाते हैं कि कुमति अपनी अनूठी शैली वाले कथा की धार कुंद करती है