पति से बात कर रही थी, तभी सुनाई दी धमाके की अवाज’- शहीद की पत्नी की आपबीती

shahid Pradeep yadav

१४ फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में एक आत्मघाती हमले में CRPF के जवानों के काफिले में 40 सैनिक शहीद हो गए. उत्तरप्रदेश के प्रदीप सिंह यादव भी इस हमले में शहीद हुए थे.

आज आपको बताएँगे की जिस वक्त ये हमला हुआ तब प्रदीप अपनी पत्नी नीरजा से फोन पर बात कर रहे थे. और वो फोन प्रदीप और उनकी पत्नी का आखिरी कॉल साबित हुई. आज हम उस वक्त की आपबीती शहीद प्रदीप की पत्नी की जुबानी सुनाने जा रहे है।

प्रदीप की पत्नी नीरजा जो उत्तर प्रदेश के अजान सुखसेनपुर में रहती है उन्होंने बताया कि, ‘मैं अपने पति से बात कर रही थी जब पीछे से एक कान फाड़ने वाले धमाके की आवाज सुनाई दी. इसके कुछ ही सेकेंड के अंदर दूसरी तरफ पूरी तरह से सन्नाटा छा गया और इसके बाद फोन कट गया . उन्होंने कहा की मुझे महसूस हुआ कि कुछ बहुत बुरा हुआ है. मैंने बार बार, लगातार प्रदीप को कॉल करने लगी. में जानना चाहती थी  कि वो ठीक हैं या नहीं. लेकिन फ़ोन नहीं लगा मेरी दुनिया उजड़ चुकी थी. और सबकुछ खत्म हो चुका था.’ बाद में CRPF कैम्प से एक कॉल आया की उनके पति प्रदीप की मृत्यु हो चुकी है।

उन्होंने बताया की जब पुलवामा हमला हुआ उस समय नीरजा अपने दो बच्चों के साथ अपने मायके में थी. उनकी 10 साल की बेटी सुप्रिया और 2 साल की सोना है.

नीरजा बताती हैं, की प्रदीप को सोना से बहुत लगाव था. १४ फरवरी को आखिरी बार बात की तो उन्होंने मुझसे सोना के बारे में पूछा था.प्रदीप से उन्होंने 10 मिनट तक बात की थी.’

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