अगर आपकी भी राशि हे वृश्चिक तो जरूर पढ़े,आपका व्यक्तित्व

वृश्चिक राशि- ये राशियो मे 7वी राशि है| वृश्चिक राशि के जातक का सीना और नेत्र बड़े होते है| उसके मुख पर तिल आदि का निशान होता है|

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के पुरुष कभी सचेस्ट तो कभी मौके पर असभधान रहते है| प्राय सब प्रकार के स्त्री पुरुषो के प्रति अपनी लालसा बनाए रखते है| कामुक भावना वाले,भावुक हृदय, असमान और अनियमित जीवन जीने वाले होते है|
आपका जीवन प्रायः रोजगार,पति- पत्नी और पारिवारिक उलझनों और विवाहित जीवन की उलझनों से घिरा रहता है| छोटी-मोटी यात्राये अधिक होती है|
वृशिक राशि का मूलांक 9 है इसके अनुसार आत्मनिर्भर, हिम्मती साहसी ,होकर सतरंजी दिमाग से सीमित साधनो में जीवन व्यतीत करेगा |
कठिन से कठिन परस्थिति में भी स्वत नियंत्रण रहेगा , नियंत्रण कर सक्ने में समर्थ और योजना कार्यो में निपुण होंगे| आपको जितना जल्दी क्रोध आएगा उतना जल्दी ही शांत हो जाएगा | आपकी स्मरण शक्ति,विवेक शक्ति कमजोर नही होगी| दिमागी परेशान से बचना चाहिए|
वृशिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल है| मंगल ब्राह्मण वर्ण, जल तत्व, स्थिर, राशि है|
इस राशि में जन्मे जातक का शीतल स्वभाब व कफ प्रकृति के होंगे|
देवी- देवताओ के विशेष भक्त होंगे| आप प्रसंशक, परदेश यात्रा में कुशल ,दान व परोपकार में आगे रहने वाले होते है|
आपका गृहस्थ जीवन को त्याग देने के लिए बेचैन व उतावला रहेगा| उतराधिकारी अथवा आकस्मिक संपति पाने वाले होते है| अछे को बुरा और बुरे को अछे समझना इनके स्वभाब में होता है| इसी बात से इनके परिवार के लोग इनसे चिढ़े रहते है|
गुप्त रूप से अपना बदला लेना, मायावी लोगो के जाल में अनायास फसना ,असंतुस्ट हृदय वाले वृशिक राशि के प्रमुख लक्षण है|
आपके लिए अनाज,कपड़ा लोहा, मेडिकिनेस,लेखनी,कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट का बिज़नस आपके लिए अच्छा रहेगा और भाग्यानुसर धन प्राप्त होगा|
स्वास्थ के दृस्टी जंघा, कमर, नाड़ी ,लिंग, गुदा,और नेत्र से संबन्धित रोग संभव है|
ये सच है की वृशिक राशि खोज करता की चिन्ह मनी जाती है,जो की “क्यों और कैसे” के विषय में जानना चाहता है|
राशि चिन्ह- विछू
तत्व-जल
शुभ दिन- मंगलवार
मित्र राशि- मेष ,कर्क,सिंह धनु,मीन
पूजनीय देव- गणेश