सवर्ण आरक्षण अध्यादेश पर संसद में आरजेडी ने किया विरोध

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केंद्र सरकार द्वारा लाए गए सवर्ण आरक्षण अध्यादेश का आरजेडी ने विरोध किया आरजेडी ने कहा है कि मोदी सरकार भारतीय जनता में फूट डालना चाहती है उन्हें बांटना चाहती है।

आरजेडी ने शबाना आरक्षण बिल को चुनावी जुमला बताया है आरजेडी पार्टी का कहना है सवर्ण आरक्षण अगर इतना ही जरूरी था तो मोदी सरकार को बीते 4 वर्षों में सवर्णों की याद क्यों नहीं आई शायद बीजेपी सवर्णों को बेवकूफ बनाना चाहती है और उनके वोट बैंक को हथियाना चाहती है इसके लिए वह अपने पुराने ढर्रे पर चल रही है पहले बातें करना फिर चुनावी जुमला कह देना

आरजेडी का कहना है कि मोदी सरकार सवर्णों को बेवकूफ बना रही है सवर्ण आरक्षण अध्यादेश पर अपना समर्थन नहीं देंगे क्योंकि यह देश और संवैधानिक मान्यताओं के खिलाफ है भारतीय संविधान में केवल 50 पर्सेंट तक आरक्षण दिया जा सकता है लेकिन मोदी सरकार सवर्णों को 10% आरक्षण देकर संविधान का अपमान कर रही है वर्तमान में 49.4 आरक्षण मौजूद है इस अब और आरक्षण नहीं दिया जा सकता यह संविधान के खिलाफ है जिसे मोदी सरकार अपने वोट बैंक और चुनावी जुमले के लिए इस्तेमाल कर रही है