अगर चाहते हैं आप सुख समृद्धि तो आज पूस माह की अमावस्या को करें यह काम करें काम

5 जनवरी शनिवार आज पूस मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या है शनिवार को अमावस्या होने के कारण यह शनिचरी अमावस्या कही जाएगी पूस माह में शनिश्चरी अमावस्या आना एक बहुत बड़ा योग है क्योंकि इस दिन त्रिवेणी में नवग्रह यात्रा प्रारंभ होती है

धार्मिक पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस यात्रा करने से नव ग्रहों की शांति होती है और जीवन के समस्त कष्ट कट जाते हैं इन शुभ संयोग में आ रही इस अमावस्या के दिन आप भी अपने जीवन को सुखी और समृद्ध बना सकते हैं इसके लिए आपको कुछ उपाय करना होंगे जो आपके जीवन में ना तो कभी धन की संकट और ना ही वह का संकट आपको परेशान करेगा

हमारे शास्त्रों में शनिश्चरी अमावस्या का विशेष महत्व है

शनिवार और अमावस्या तिथि का योग विशेष कृपा दाई होता है इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके पूरी को ताकत देने से गरीबों को भोजन पाल वक्त चप्पल आदि का दान किया जाता है यदि आपके आसपास पवित्र नदी ना हो तो घर में ही पानी या गंगाजल डालकर स्नान कर ले इस दिन इस्नान सूर्य उदय से पूर्व करना चाहे इसके बाद भगवान विष्णु और शिव की पूजा करें

यदि आप लगातार आज परेशानियों से जूझ रहे हैं पैसों की बचत नहीं हो पा रही है अनावश्यक खर्च बढ़ता जा रहा है तो शनिश्चरी अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष के साथ परिक्रमा करते हुए कच्चे दूध में बताशा और लाल फूल डालकर अर्पित करें जीवन के प्रत्येक कार्य में बाधा आ रही हो तो शनिश्चरी अमावस्या के दिन आंकड़े के 7 पदों पर अष्टगंध श्री राम राम लिखकर इसकी माला बनाई और हनुमान जी को अर्पित करें धन संबंधी परेशानी दूर हो जाएगी शनिचरी अमावस्या के दिन हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर मिलाकर चोला चढ़ाएं गुड़ चने बुद्धि के हलवे का भोग लगाकर बहू अष्टक का पाठ करें रोगों की मुक्ति के लिए शनिचरी अमावस्या का दिन भगवान शिव का अभिषेक कैसे करें

अमावस्या के दिन किसी सुनसान जगह के शिव मंदिर की साफ सफाई करके उसमें रात भर जलने वाला दीपक जलाएं इससे भगवान शिव की आप को कृपा होगी जो चाहेंगे वह मिलेगा अमावस्या की रात्रि टोने-टोटके बुरी नजर बुरी शक्तियों को काटने के लिए महत्वपूर्ण है यदि आपको लगता है कि आप को किसी की बुरी नजर लग गई है तो नकारात्मक अनुभव होती हो तो अमावस्या की रात्रि घर के प्रत्येक कोने में कपूर और लौंग डालकर जलाएं शनि की साढ़ेसाती या ढैया चल रही हो तो जन्म कुंडली में शनि खराब स्थिति में हो या शनि की महादशा अंतर्दशा चल रही हो तो शनिचरी अमावस्या के दिन शनि देव दान करें शनि स्त्रोत का पाठ हवन करें इसे सनी की पीड़ा शांत होगी और पूरी साढ़ेसाती के दौरान सभी परेशान नहीं करेंगे