जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे है प्राइवेट अस्पताल।

आजकल हर जगह को एक ना एक प्राइवेट हॉस्पिटल देख ही जाएगा इन अस्पतालों की सबसे बड़ी बुराई है कि यह मरीजों का इलाज करने का कम सोचते हैं उसका पैसा खींचने का ज्यादा आजकल या प्रचलन पूरे भारत में फैला हुआ है। जो एक बीमारी की तरह हमारे समाज को अंदर से खोखला कर रहा है गरीबों को और गंभीर रूप से गरीब कर रहा है जो हमारे समाज के लिए अच्छा नहीं है। इन अस्पतालों में डॉक्टर जो मनमानी फीस लेते हैं वह बिल्कुल जायज नहीं है मरीजों को ना धन की सुविधा देता है सिर्फ उनका शोषण किया जा रहा है और उनसे धन खींचा जा रहा है।

Private hospital is fluttering with life.

सरकार के कुछ खामियों की वजह से प्राइवेट अस्पताल और प्राइवेट डॉक्टर मनमानी फीस लोगों से वसूल रहा है। तथा उनका खून चूस रहे हैं और उन्हें परेशान कर रहे हैं ना ही उनका ढंग का इलाज करते हैं और ना ही उन्हें यह बताते हैं कि वह कौन सी बीमारी है जिसका इलाज करा रहा है मरीज इलाज कर आता रहता है कर आता रहता है।

एक दिन जब मर जाता है तब भी बॉडी नहीं देते कहते हैं कि जिंदा है ऐसे लगातार उसका खून चूस का अंदर अंदर से खोखला बना रहे हैं। हमारे भारत में डॉक्टरों की कमी है इसमें इन लोगों की और भी मिलाई होती है इसका फायदा बखूबी झोलाछाप डॉक्टर भी उठाते हैं जो ₹1 की चीज लोगों को ₹10 तक में देखते हैं और उस पर से रोक भी चाहते हैं उनकी जिंदगी का क्या होगा एक कोई उन्हें परवाह नहीं होती है और ना ही प्रशासन इसकी जिम्मेदारी समझता है

 

आज प्रशासन हमारा इतना भ्रष्ट हो चुका है। कि वह एक नहीं समझता कि पब्लिक की तकलीफ क्या है उसे बस अपनी पड़ी हुई है और प्रशासनिक अधिकारी के सामने अगर कोई बात रखी जाती है तो वह कह कर पल्ला झाड़ लेता है हम क्या कर सकते हैं आजकल हर जगह यही चल रहा है।