पुलवामा हमला: सर्वदलीय बैठक में बोली कांग्रेस- गुस्से में है देश, सभी पार्टी चीफ से बात करें पीएम

पुलवामा

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई पर मंथन के लिए संसद में सुबह शनिवार कोो सर्वदलीय बैठक हुई. राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकार ने सभी दलों को पुलवामा हमले और उसके बाद उठाए जाने वाले कदम के बारे में जानकारी दी. इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि इस हमले से सारा देश क्षुब्ध और आक्रोशित है. आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति जारी है. हम सब एकजुट होकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए कृत संकल्प हैं.

बैठक में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा उसे हमने फिर से दोहराया. देश शोक और गुस्से में है. युद्ध को छोड़कर पहली बार इतनी संख्या में हमारे जवान शहीद हुए हैं. हमारी पार्टी ने तय किया है कि हम अपनी सुरक्षा बल के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे. सरकार से विभिन्न मतभेद है, लेकिन आतंकवाद के खात्मे के लिए उनके साथ खड़े हैं.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘आज की बैठक में संसद के दोनों सदनों के नेता को बुलाया गया था. हमने गृह मंत्री से निवेदन किया कि पीएम को सभी राष्ट्रीय और प्रादेशिक दलों के अध्यक्षों की बैठक बुलाना चाहिए.’

वहीं BJP नेता व केंद्र सरकार में मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ’14 फरवरी को जो पुलवामा में आतंकी हमला हुआ उससे पूरा देश आहत है. इसी विषय पर संसद के सभी दल के नेताओं ने साथ चर्चा की. सभी देश के साथ खड़े हैं.’

दरअसल PM नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला लिया गया. कहा जा रहा है कि मोदी सरकार इस हमले के बाद उठाए जाने वाले किसी भी कदम से पहले विपक्षी दलों को भी विश्वास में लेना चाहती है.

इससे पहले आतंकी हमले के बाद कोई सर्वदलीय बैठक सितंबर 2016 में हुई थी. ये बैठक LoC पर हुए सर्जकिल स्ट्राइक से ठीक पहले हुई थी. हलांकि तब इस बैठक में विपक्षी दलों की राय नहीं ली गई थी, बल्कि उन्हें सिर्फ अगले कदम की जानकारी दी गई थी

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पुलवामा हमले को लेकर शुक्रवार कोकहा कि वो सेना के साथ खड़े हैं. राहुल गांधी ने कहा ”पूरा का पूरा विपक्ष, देश और सरकार के साथ खड़ा है. राहुल ने कहा कि आतंकवाद देश को बांटने, तोड़ने की कोशिश करता है”.

इससे पहले शुक्रवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिला में सुरक्षाबलों के काफिले पर हुए हमले के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए गए. पुलवामा हमले में शहीद जवानों के शव श्रीनगर से दिल्ली लाए गए . पीएम मोदी ने जवानों को श्रद्धांजलि दी. जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए विपक्ष के कई नेताओं के साथ कई केंद्रीय मंत्री भी एयरपोर्ट पर मौजूद थे.

गुरुवार को 3.20 बजे IED विस्फोट से CRPF के काफिले की एक बस को निशाना बनाया गया. इस हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गये. पुलवामा के अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में सीआपीएफ के काफिले पर आतंकियों ने IED से हमला किया और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग की.

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