चीन के जाल में फंसा हुआ पाकिस्तान

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पाकिस्तान हिंदुस्तान से दुश्मनी के चक्कर में यह तक भूल चुका है वह जिन से दोस्ती कर रहा है उनका इतिहास क्या है उसकी मंशा क्या है इसका उसे कोई होश नहीं है जबकि वह धीरे धीरे इतनी रसातल में रहा है की एक दिन उसका वापस आना मुश्किल हो जाएगा

यह pakistan को याद रखना चाहिए कि चीन कभी किसी का सगा नहीं मैं कभी भी किसी से धोखा कर सकता है लेकिन पाकिस्तान आतंक और हिंदुस्तान से बदले की आग में इतना झुलसा हुआ है कि उसे अपना भविष्य कुछ दिखाई नहीं दे रहा चीन ने पाकिस्तान को इतना कर्ज दे रखा है कि पाकिस्तान उसे लौटा नहीं सकता और उससे उसका ब्याज भरने के लिए भी उल्टा कर लेना पड़ रहा है पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से पटरी हो गई है वहां विदेशी कंपनियां तो दूर स्वदेशी कंपनियां भी निवेश करने से कतराती हैं ऐसे में चीन से आयात माल ही पाकिस्तान की जनता प्रयोग करती है इसका फायदा सीधे चाइना को होता है चाइना इस बात को बखूबी समझता है कि अगर किसी देश को अपना गुलाम बनाना है तो कैसे बनाए जाए उस पर कैसे दबाव डाला जाए लेकिन पाकिस्तान हिंदुस्तान से बदले की आग में इतना मदहोश है कि उसे यह होश नहीं कि वह धीरे धीरे क्या होता जा रहा है धीरे-धीरे स्थिति आ गई है

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pakistan के आंतरिक आर्थिक हालात

pakistan  के पास अपने नौकर चलाने के लिए भी पैसे लेने पड़े रहे हैं लेकिन उसे अपनी अकड़ और आतंक को ठिकाने लगाने का कोई विचार या इरादा नहीं लग रहा अगर ऐसा ही चलता रहा तो पाकिस्तान एक ना एक दिन दिवालिया हो जाएगा आज पाकिस्तान के जो हालात हैं वह कभी 1 दिन गिरीश के हुआ करते थे पाकिस्तान में आर्थिक संकट बढ़ रहा है और वह दिवालिया होने की कगार पर है अगर चाइना उसे इस बार कर्ज नहीं देता तो इस बार पाकिस्तान दिवालिया हो जाता इस बार भी चाइना ने बड़ी चालाकी से पाकिस्तान से यह हामी भर ली है कि वह उसका सहायक है जबकि ऐसा कुछ नहीं है चाइना स्वार्थ के किसी से दोस्ती करना तो दूर किसी की और देखता ही नहीं

pakistan की अर्थव्यवस्था की हालत

आज pakistan में उसका उसका निर्मित कोई सामान नहीं होता सब का सब चाइना से आयात किया जाता है जिसका फायदा चाइना को होता है चाइना भी यही चाहता है कि पाकिस्तान उसका आर्थिक गुलाम रहे उसकी आड़ में भाई भारत के कश्मीर पर भी कब्जा जमाना चाहता है जो कि पाकिस्तान के कब्जे में है वहां की खनिज संपदा का दोहन और अधिग्रहण करना चाहता है जो कि अब लगता है कि संभव है क्योंकि पाकिस्तान के अंदर अब नहीं है कि वह चाइना से आंख मिलाकर बात कर सके क्योंकि चाइना ने जितना कैसे किया जाता है अगर पाकिस्तान को बेचना भी जाए तो भी शायद पूरा करना मुश्किल होगा चाइना की इस चाल का आप पाकिस्तान शायद कभी तोड़ निकाल पाए यह संभव नहीं लगता

चाइना का आर्थिक गुलाम बनता हुआ pakistan

अब समय दूर नहीं जब pakistan चाइना का आर्थिक गुलाम होगा जिसमें नाम तो पाकिस्तान का होगा लोग भी पाकिस्तान के होंगे लेकिन शासन साईनाथ चलाएगा और पाकिस्तान चुपचाप उस की गुलामी करेगा पाकिस्तान जिस दलदल में फंस रहा है उसने उसको खुद ही आमंत्रित किया है अगर वह और वहां के राजनेता देश के लिए सुनते तो शायद इतिहास कुछ अलग होता भारत पाकिस्तान चाइना से पहले आजाद हुए थे भारत कहां है चीन कहां है और पाकिस्तान कहां है इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं

दुनिया में pakistan की स्थिति

पाकिस्तान को दुनिया में कोई इज्जत नहीं देता सब उसे आतंकी देश कहते हैं यहां तक कि उसके हिमायती देश अरब के देशों ने भी उस पर भरोसा करना छोड़ दिया है अब अब चाइना अलग-थलग होने की कगार पर है ना तो चाइना को अब कोई कर्ज देने को तैयार है और ना ही कोई संयोग से उसका एक ही साथ ही रह गया है वह है सिर्फ चाइना और वह भी उसका केवल फायदा उठाता है और उसे एक शतरंज के प्यादे की तरह इस्तेमाल करता है और पाकिस्तान या चुपचाप होते हुए देख रहा है क्योंकि उसने अपने आप को इस काबिल ही बनाया है

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पाकिस्तान की सेना अपने शक्ति बढ़ाना चाहती है और इसलिए वह बेशुमार रक्षा बजट जाती है जो पाकिस्तान की औकात से बाहर होता है इसलिए उसे हमेशा कर लेना पड़ता है और उसे आतंकी भी पल में पढ़ते हैं जो भारत के खिलाफ आग उबलते हैं लेकिन वह नहीं जानता कि सांप को दूध पिलाना कितना बुरा होता है वह पलट कर खुद को ही काट सकता है इस बात से अनजान पाकिस्तान का कोई ध्यान नहीं दे रहा हालात आज सबके सामने है कि आतंक पालने का हाल क्या होता है साथ ही चाइना पाकिस्तान की इसी मजबूरी का फायदा उठा रहा है