दुनिया की नजरों में गिरता पाकिस्तान।

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आज पाकिस्तान के जो हालात हैं वह किसी से छिपी नहीं है पूरी दुनिया पाकिस्तान को एक बुरी नजर से देखती है

इसका यही कारण है कि वह कहता कुछ और है करता कुछ और है ऊपर से मानवता का दिखावा करने वाला पाकिस्तान अंदर से उतना ही घातक और निवेदिता आतंकवाद को पाले हुए उसके अंदर जिहादी सोच कूट कूट कर भरी हुई है जिस कारण ना तो पाकिस्तान की कोई वैल्यू है और ना ही हो सकती हो ऐसे राष्ट्र का कोई भरोसा नहीं वह देश रसातल में चला जाता है चला जाता है

दुनिया में पाकिस्तान की आज आरती की स्थिति तरह से कह चुकी है कि उस पर कोई भरोसा नहीं करता ना ही उसकी कोई मदद करना चाहता है क्योंकि दुनिया को लगता है अगर पाकिस्तान को कर दिया गया तो उसका मिलना मुश्किल हो जाएगा पाकिस्तान को कोई कर्ज नहीं देना चाहता

अमेरिका ने आई एम एप को एक चेतावनी देकर कहा है कि मैं पाकिस्तान को कर्ज देने की कड़ी शर्तें रखी जिसमें यह सब शामिल है कि पाकिस्तान आईएमएफ के पैसे का किसी विदेशी कर्ज चुकाने में ना करें और क्या क्या साधन खरीदें इसका ब्योरा आइएम को देना पड़ेगा

पाकिस्तान के अंदर की स्थिति और भी दयनीय है क्योंकि यहां प्रजातंत्र की नहीं कुछ तानाशाह लोगों की चलती है जिससे आतंकी और सेना प्रजातंत्र तो केवल नाम का है वहां सिर्फ चलती है सिर्फ सेना और कुछ आतंकवादियों की जो किसी भी राष्ट्र के लिए उचित नहीं है पाकिस्तान आज अपने जिहादी सोच के लिए खुद जिम्मेदार है कि वह कहां है

भारत और पाकिस्तान एक साथ आजाद हुए भारत जहां बड़े बड़े कारणों में कर रहा है दुनिया में वही पाकिस्तान रसातल में धरता हुआ चला जा रहा है आज पाकिस्तान दिवालिया होने के कगार पर है उसका कारण उसकी साक्षी और सेना पर अधिक से अधिक बजट और आतंकियों को अधिक से अधिक धन मुहैया कराना है जिस कारण पाकिस्तान की ब्लू दिन पर दिन के चली जाती है हमें तो पाकिस्तान से यह करने का मन बना रखा है कड़ी कार्रवाई नहीं करता है तो अमेरिका उस पर कार्रवाई करने का दबाव बनाता है तो वह दिन दूर नहीं कि पाकिस्तान दिवालिया हो जाएगा

पाकिस्तान ना तो चीन से कह सकता है ना तो चीन उसे और कर्ज देकर अपना आर्थिक गुलाम बनाना चाहता है शायद वो धीरे धीरे अपने मकसद में कामयाब होता चला जा रहा है हालात इसी तरह से बिगड़ तरह तो पाकिस्तान के लिए वह दिन दूर नहीं जब या तो वह दिवालिया हो जाएगा या चीन का आर्थिक गुलाम चीन के हाथ में होगी नाम के लिए अलग पाकिस्तान जरूर होगा लेकिन राज्य चीन का ही चलेगा आज पाकिस्तान अपने आतंक की गतिविधियों के लिए दुनिया में मशहूर है इसीलिए दुनिया उसे खन्ना की नजर से देखने लगी है दुनिया हर बार उसे हर बार उससे बेइज्जत करते हैं पाकिस्तान है कि सुधरने का नाम नहीं लगता आज पाकिस्तान अपनी स्थिति का खुद जिम्मेदार है

वहां के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ जो गला फाड़ फाड़ कर चिल्लाया करते थे कि मैं आज नहीं लूंगा आज मैं उसके पास जा रहा है विदेशों में भीख मांग रहे हैं सऊदी अरब ने तीन और बालों का कर्ज देकर पाकिस्तान का कुछ बोझ हल्का किया फिल्म जब कहीं से नहीं मिला कर दो फिर फिर द्वारा चाइना के पास गए सचिन इस फिराक में यह था कि दोबारा है मैं सही भी था इमरान खान कहां का है पाकिस्तान को कर्ज के बोझ तले और दबाने के लिए इस बार भी छीनने हम पर दया करें और उन्हें कर्ज दे दिया

अब शायद इमरान खान अपने देश में महंगाई का बोझ बढ़ा रहे टैक्स बढ़ा रहा है और मैं कोशिश करने में लगे हैं कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पटरी पर ले आए लेकिन ऐसा संभव होता दिख नहीं रहा है क्योंकि वहां तो विदेशी निवेशक लुभावने हैं और ना ही वह निवेश करने में कोई रुचि रखते हैं मन की स्वदेशी कंपनियां भी अपने देश में निवेश नहीं करना चाहते हैं पाकिस्तान में कुल मिलाकर ऐसा अराजक तत्व का माहौल बना हुआ है जो किसी के लिए सुरक्षित नहीं है