विपक्ष ने सवर्ण आरक्षण को बताया चुनावी जुमला

General Reservation

आरक्षण बिल पर चर्चा करते हुए कांग्रेस के के के वी थामस ने कहा के हम अध्यादेश के खिलाफ नहीं है लेकिन हमारी पार्टी और विपक्ष की मांग है कि दिल को पहले जेपीसी के पास भेजा जाए क्योंकि यह काफी महत्वपूर्ण अध्यादेश हैं उन्होंने चर्चा के दौरान कहा संविधान में सभी को समानता की बात की गई है

और आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग को लाभ पहुंचाने की कोशिश इस बिल के जरिए हो रही है अरुण जेटली ने कहा कि अभी जाति के आधार पर आरक्षण है लेकिन इस दिल में आर्थिक आरक्षण होगा

अध्यादेश पर चर्चा के दौरान सीपीएम के मोहम्मद सलीम ने बिल का विरोध करते हुए कहा की यह क्या बिजनेस एडवाइजरी कमेटी है इस अध्यादेश के लिए समय तय किया गया था किस पर स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा समय तक शहर का काम है और आप सहमत हो तो सदन की कार्यकारणी को 2 घंटे और बढ़ा दिया जाए इस पर उन्होंने कहा सरकार चुनाव को ध्यान में रखकर इस बिल को लाई है

यहां तक संसद पर भी दबाव बनाने की भरपूर कोशिश की जा रही है क्योंकि आज तक खत्म होने जा रहा है और सरकार हर हाल में अपने चुनावी फायदे के लिए इस दिल को पास करवाना चाहती है

थावर चंद गहलोत ने अध्यादेश पर चर्चा के दौरान कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार की सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का अधिकार होगा इसके अलावा प्राइवेट क्षेत्र में नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा

गहलोत ने कहा कि पहले ऐसा आरक्षण देने की कोशिश की गई थी लेकिन यह संविधान संशोधन के बगैर संभव नहीं हो सकता कैबिनेट मंत्री ने कहा कि संविधान में संशोधन के जरिए ही आरक्षण देना मुश्किल है ताकि बाद में कोई भी सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती ना दे सके