“मच्छरमुक्त बना देश” क्या मुमकिन है इस बात का होना सच?

“मच्छरमुक्त बना देश” जी हाँ बिलकुल सही है आपका चौकना। जहाँ हमारा एक पल नहीं गुज़रता  मच्छरों को देखे बिना  ऐसी एक जगह नहीं मिलती  जहाँ मछरों ने अपना किया ना हो बसेरा। वहाँ मछरमुक्त देश की बात करना इस बात पर कैसे यकीन कर सकता है। कोई जब मछरों ने सरेआम मचाई हो तबाही हर रोज़ ना जाने कितने लोग इन मछरों की वजह से कई बीमारीयों से झुलसते है। गन्दगी में तो छोड़ो पर साफ़ जगहों पर भी इन्हे मंडराने से कोई रोक नहीं सकता  ऐसा सिर्फ हमारा हैं मानना।

 

दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं जहां नहीं है मच्छर।   

जी हाँ बिलकुल सच कहाँ  दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं जहाँ के लोगो ने अपने देश से मछरों का नामों-निशान मिटा दिया है। “फ्रांस” एक मछारमुक्त देश है और “श्रीलंका” ने भी 26 साल मछरों के खिलाफ लड़कर अपने देश के लिए “मच्छरमुक्त और मलेरियामुक्त देश” का किताब हासील कर ही लिया। और दुनिया को दिखा दिया की अगर हम चाहे तो कुछ भी कर सकते है। और जब बात अपने हेल्थ की हो तो उसकी रक्षा के लिए कोई ना कोई कदम तो उठाना ही पड़ता है। अगर ये देश मच्छरमुक्त बन सकते है तो हमारा देश क्यों नहीं बन सकता ये तो हमारे हाथ में ही है। कोशिश करे तो हर चीज हमारे बस में हो सकती हैं। फिर इसे तो इन देशों ने मुमकिन कर दिखाया है। वो दिन भी जल्दी आये जब हम अपने देश को “मच्छरमुक्त भारत” कह सके।