खनन घोटाला: IAS बी चंद्रकला पर हुई कारवाई,अखिलेश यादव से जोड़ा जा रहा है इस मामले को,जानिये इसकी वजह।

IAS B chandrakala

क्या हे मामला ?

५ जनवरी २०१९ को अवैध खनन मामले के तहत B.चंद्रकला के लखनऊ के घर पे और इसके अलावा उनके  कानपूर, हमीरपुर सहित उनके १२ ठिकानो पर CBI की छापेमारी हुई और इस छापेमारी में कई दस्तावेज, दो करोड़ कॅश और भारी मात्रा में सोना पाया गया।

बात कुछ ऐसी है की, B.चंद्रकला जो २०१२ में हमीरपुर की डीएम थी, तब उन्होंने ५० मौरंग के खनन के पट्टे जारी किये थे पर, इसे करने का उनका तरीका कुछ गलत था, उस समय मौरंग के खनन को इ-टेंडर के जरिये स्वीकृति लेने का तरीका था,पर B.चंद्रकला ने इन नियमो को अनदेखा कर दिया, फिर २०१५ में अवैध मौरंग खनन को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दखल हुई, फिर हाईकोर्ट ने १६ अक्टूबर १०१६ को हमीरपुर में जारी हुए ये सारे मौरंग खनन के पट्टे अवैध घोषित करके उन्हें रद्द कर दिए।

२८ जुलाई २०१६ को हाईकोर्ट ने अवैध मौरंग खनन की जाँच सीबीआई को सौप दी थी, इसी मामले की जाँच करने के लिए सीबीआई ने शनिवार ५ जनुअरी को B.चंद्रकला के घर छापे मारे और इसकी करवाई अभी चालू है इसी के साथ हमीरपुर के २ बड़े मौरंग के व्यापारियों के घर भी सीबीआई की एक टीम द्वारा छापे मारे गए जो एसपी- बेएसपी के नेता है।

कौन हे बी.चन्द्रकला ?

B.चंद्रकला जो यूपी की आईएएस अधिकारी रह चुकी है और इनकी पहचान एक ईमानदार और सक्त अधिकारी के रूप में रही है। २००८ बैच की ये यूपी कैडर की अधिकारी रह चुकी है, मूल रूप से वो आंध्र प्रदेश की रहनेवाली है, १३ अप्रैल २०१२ को वो हमीरपुर की डीएम बनी और ६ जून २०१४ तक रही, ७ जून २०१४ से १३ अक्टूबर २०१४ तक मथुरा की डीएम रही, १४ अक्टूबर २०१४ से २६ मार्च २०१६ तक वो बुलंदशहर की डीएम रही, २७ मार्च २०१६ से १३ सितंबर २०१६ तक बिजनौर की डीएम रही और १७ सितम्बर २०१६ से २८ मार्च २०१७ तक वो मेरठ की डीएम रही,

२९ मार्च २०१७ को केंद्र में उन्हें स्वछता मंत्रालय में बतौर डुप्टी सेक्रेटरी नियुक्त किया गया और ७ मार्च २०१८ को यूपी सरकार में विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा बनाई गयी और १ अगस्त २०१८ से वो स्टडी लीव पर है। चंद्रकला के फेसबुक पर ८५ लाख ९६ हजार तो ट्विटर पर ८ लाख लाख ९५ हज़ार फॉलोवर्स है, B.चंद्रकला सोशल मीडिया पर मशहूर थी.

अपने ईमानदार और सख्त पहचान की वजह से फिर चाहे वो २०१४ सड़क पर ही भ्र्ष्टाचारियों को डाँटना हो या बिना परमिशन के किसी युवा के उनके साथ सेल्फी खिचवानेपर उसे सलाखों में डालना हो या फिर पत्रकार के साथ उनका सख्त बर्ताव हो, इन्ही बातोंने उन्हें काफी मशहूर बनाया है और अभी ये नया मामला अवैध मौरंग खनन का।

इसी अवैध मौरंग खनन के मामले से साथ यूपी के पूर्व मंत्री अखिलेश यादव का और उनके साथ कई नेताओं का नाम भी जोड़ा जा रहा है।  क्योंकि २०१२ से २०१६ तक हुए इस घोटाले के वक्त अखिलेश यादव की सरकर थी और वो तत्कालीन खनन मंत्री भी थे।  तो माना जा रहा है की सीबीआई खनन मंत्री रहे सारे नेताओ की पड़ताल करेगी, जिसमे अखिलेश यादव और उनके खास मंत्री रहे गायत्री प्रजापति भी शामिल हो सकते है।

खैर जाँच अभी चालू है, अभी किसी भी नतीजे पर पहुंचना वाजिफ नहीं होगा, जैसे ही कुछ अपडेट्स आएंगे तो आप तक पहुचाये जायेंगे, इसके जुड़े रहिये Today my India के साथ।

 

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