इस गांव में कोई भी सदस्य नहीं लगाता अपने घर में main gate दरवाजा।

In this village, member does not take the main gate door in his house.

जैसे कि हम सब जानते हैं कि हमारे घर में कई ऐसी चीजें रहती हैं जो बहुत कीमती होती है। और आजकल सिक्योरिटी का मामला लोग कई बड़े-बड़े तरीके से अपने घर में सिक्योरिटी पर प्रबंध करते हैं। ताकि उनके घर में कोई चोरी हो रही है समय से ना हो क्योंकि घर ही ऐसी है जहां पर इंसान इतनी सारी चीजें रखता है और वहां पर चोरी होने की संभावना रहता है कई लोग घर के main gate दरवाजे में इतनी तगड़ी सिक्योरिटी भी रखते हैं कि किसी चोर के लिए उसे खोलना तो दूर उसके पास जाना भी नामुमकिन हो जाता है। और सिक्योरिटी के मामले में इंडिया में कई तरीके के नए-नए उपकरण यूज़ किए जा रहे हैं पर फिर भी हमारे भारत देश में चोरी तो होती रहती है और लोग इससे बचने के लिए कई अन्य तरीके आते हैं। पर हम बात करेंगे ऐसे ही एक गांव की जहां पर बिना किसी सिक्योरिटी की कहा जाए तो वहां पर कोई भी गांव का शख्स अपने घर में दरवाजा तक नहीं लगाता और ना ही मैं कभी चोरी होती है आखिर क्या है इसका कारण और क्यों करते हैं लोग हम जानते हैं इसके बारे में और आपको बताएंगे इसका पूरा सच।

 

रन बात करने जा रहे हैं आज हम बात करने जा रहे हैं उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के एक मऊ गांव की यहां पर कोई भी शख्स अपने घर के बाहर main gate दरवाजे नहीं लगा था क्योंकि यहां पर यह माना जाता है कि इस घर की रक्षा स्वयं नाग देवता करते हैं कहा जाता है कि इस गांव के लोग यह मानते हैं कि अगर उन्होंने अपने घर के बाहर दरवाजा लगाया तो उनके घर में कोई ना कोई अनहोनी हो जाएगी इसके पीछे एक बहुत बड़ी कहानी है। इस गांव के लोगों का यह कहना है कि जो भी इस गांव में दरवाजा लगाने की कोशिश करता है उसके घर में परेशानी आ जाती है। इस गांव के लोगों का ऐसा कहना है कि इस गांव के घरों में main gate दरवाजा ना लगवाने के पीछे एक कहानी है जोकि बहुत ही पुरानी है। कहा जाता है कि बहुत वर्ष पहले इस गांव के 1 दरवाजे के बीच में एक नागिनी नागिन संस्कार भास्कर इस दरवाजे के बीच में नागिन दबकर मर गई थी तभी उसने ने श्राप दिया था कि जो भी इस गांव में दरवाजा लगएगा उसके घर में कुछ ना कुछ अनहोनी होती रहेगी। जिस वजह से वह श्राप पूरे गांव वालों पर पड़ा और गांव वालों ने अपने घर में दरवाजा लगाना बंद कर दिया और जब से आज तक इस गांव के लोग अपने घरों के बाहर दरवाजे नहीं लगाते हैं।

 

यह भी कहा जाता है कि यदि कोई गांव का व्यक्ति या गांव का कोई परिवार अगर इस प्रथा को तोड़ने की कोशिश करता है। कहने का तात्पर्य यदि कोई गांव का व्यक्ति अपने घर में main gate दरवाजा लगाता है तो उसे कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उसके घर में अशुभ घटनाएं होती ही रहती है जिसके कारण कोई भी व्यक्ति इस प्रथा को तोड़ नहीं पाता और यह भी मान्यता है कि यहां पर जो व्यक्ति अपने घर के बाहर दरवाजे लगाने की कोशिश करता है तो उसके घर में अशांति बनी रहती है इसलिए कोई भी व्यक्ति अपने घर के बाहर दरवाजा नहीं लगा था और अगर लगाता भी है तो गांव वाले उन्हें मना कर देते हैं।