पुणे की खुशी बनीं भारत की सबसे कम उम्र की फ्री डाइवर

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पुणे की खुशी बनीं भारत की सबसे कम उम्र की फ्री डाइवर

पुणे की रहने वाली खुशी परमार भारत की सबसे छोटी सर्टिफाइड फ्री डाइवर बन गई हैं। खुशी को वॉटर गर्ल के नाम से जाना जाता है। उन्हें इंटरनैशनल स्कूबा स्कूल की तरफ से यह सर्टिफिकेट दिया गया है।

पुणे महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली खुशी परमार को समुद्र से उस समय प्यार हो गया था जब वह पांच साल की थीं। समय के साथ उनकी यह रुचि जुनून में बदल गई। इस साल नवंबर में 16 साल की खुशी भारत की सबसे छोटी सर्टिफाइड फ्री डाइवर बन गई हैं।

यह होती है फ्री डाइविंग

पानी के अन्दर जाकर वहां कम या ज़्यादा समय व्यतीत करने की क्रिया को फ्री डाइविंग कहते हैं। इसमें गोताखोर सांस लेने के लिए अपने साथ हवा का बंदोबस्त ले जा सकते हैं या फिर कम समय के लिए अपनी सांस रोककर पानी के अंदर रह सकते हैं।

फ्री डाइवर्स के लिए रोल मॉडल

वह बहुत ही होनहार ओर महत्वाकांक्षी युवा है। वह भारत में स्कूबा डाइवर्स, स्विमर्स और फ्री डाइवर्स के लिए रोल मॉडल भी है। हमें उम्मीद है कि वह आगे और अचीवमेंट्स पाएगी। 18 मई 2020 को जब वह 18 साल की होगी तब तक वह और रेकॉर्ड तोड़ेगी।

  • 16 साल की खुशी परमार भारत की सबसे कम उम्र की सर्टिफाइड फ्री डाइवर हैं |
  • दुनिया की सबसे बड़ी संस्था इंटरनैशनल स्कूबा स्कूल (SSI) से मिला सर्टिफिकेट
  • फ्री डाइविंग स्विमिंग की विधा, सांस लेने के लिए बिना उपकरण के समुद्र में जाते हैं |

अपने भविष्य की तैयारियों पर खुशी ने बताया कि वह अपने टीचर फ्रैंसिस की तरह स्कूबा डाइविंग इंस्ट्रक्टर बनना चाहती हैंं। फिलहाल वह 12वीं कक्षा में हैं और अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान दे रही हैं।