अगर कोचिंग institutes ने सही से कोचिंग नहीं कराई तो करने होंगे पैसे वापस

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अनेक सरकारी संस्थाओं में स्थान हासिल करने के लिए इंस्टीट्यूट अनेक टीचरों से कोचिंग हासिल करते हैं प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने का दावा करते हैं यह हर गली मोहल्ले में कूड़े की तरह जगह जगह पर इकट्ठे हो गए अब इन पर अंकुश लगाने का रास्ता खुल गया है

दिल्ली के एक जिला उपभोक्ता फोरम ने एक अहम फैसले पर साफ तौर कहा है अगर प्रतियोगी कोचिंग से असंतुष्ट रहता है तो मैं अपनी फीस वापस मांग सकता है उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष आर एस बागरी और दो सदस्यों ने नैना बक्से किरण कौशल्य पीठ ने यह टिप्पणी एफ आई जे एटीसी के शिकायत करने वाले एक छात्र कौशल की याचिका पर सुनवाई के दौरान के फॉर्म के संस्थान को सेवा में कोताही बरतने का दोषी मानते हुए छात्रों को ₹50000 लौटाने और मानसिक परेशानी के लिए ₹10000 अतिरिक्त देने का आदेश दिया है

सुनवाई के दौरान पीठ ने पाया कि नामांकन फार्म में पढ़ाई से असंतुष्ट छात्र के लिए निकाल उप नियम एग्जिट आज नहीं था हमने इसे बेहद अनुचित विवेकपूर्ण बताते हुए कोई भी कलेक्टर एक तरफा नहीं हो सकता |

एडीए ने तय किए कोचिंग खोलने के मानक

ऐसे में एडीए ने कोचिंग संस्थान खोलने के लिए मानक तय किए हैं। इसके तहत शहर के किसी भी हिस्से में कोचिंग संस्थान के लिए भूखंड का न्यूनतम क्षेत्रफल 200 वर्गमीटर निर्धारित किया गया है, जो न्यूनतम 12 चौड़ी सड़क पर ही मान्य होगा।

कुल जमीन के 50 फीसदी हिस्से पर निर्माण होगा और इसके लिए एफएआर 1.5 अनुमन्य होगा। कोचिंग के लिए इमारत खड़ी करने पर तय सीमा तक सेटबैक भी छोड़ना होगा। इसमें पार्किंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करनी होगी। कोचिंग संस्थान खोलने के लिए नक्शा दाखिल करने पर आम लोगों से सुझाव-आपत्ति ली जाएगी। ऐसे संस्थान के लिए महायोजना जोनिंग रेगुलेशन के प्रावधानों के तहत प्रभाव शुल्क लिया जाएगा। तय मानक पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने शासन को भेज दिया है। उन्होंने 16 दिसंबर को शासन को फिर रिमाइंडर भेजकर इस पर जल्द निर्णय लेने का अनुरोध किया है।