भारत ने उठाया पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा कदम: “most favoured nation” का दर्जा ले लिया वापस

most favoured nation
पुलवामा (Pulwama) terror attack :

Pulwama terror attack में हमारे 42 जवानों को अपनी जान गावानी पड़ी जिसकी वजह से पुरे देश में एक तरफ तो शोक भावना है और दूसरी तरफ बदलें की, इस घटना के बाद भारत सरकार ने भी दुश्मनों को सबक सिखाने का ठान लिया हैं, भारत सबक तो सिखयेगा उन आतंकवादों को पर अपने अंदाज में, और उसीकी ओर भारत सरकार ने अपना पहला कदम उठा लिया पाकिस्तान को दिया गया most favoured nation का दर्जा छीनकर कर, इस फैसले कि वजह से पाकिस्तान को  आर्थिक रूप से काफ़ी नुकसान उठाना पड़ सकता हैं, पर क्या सिर्फ पाकिस्तान पर हि होगा इसका असर, और क्या होता हैं ये most favoured nation का दर्जा?

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आखिर क्या होता है ये मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा :

किसी भी देश को व‍िश्‍व व्‍यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) और इंटरनेशनल ट्रेड नियमों के आधार पर व्यापार में सर्वाधिक तरजीह वाला देश (एमएफएन) का दर्जा दिया जाता है। देश को मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा मतलब उस देश को इस बात का आश्वासन देना की उन्हें व्यापार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।

भारत 1 जनवरी 1995 को डब्ल्यूटीओ का सदस्य बना था, और उसके एक साल बाद ही भारत ने पाकिस्तान को 1996 में मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था। जब पाकिस्‍तान को यह दर्जा मिला तो इसके साथ ही पाकिस्तान को अधिक आयात कोटा देने के साथ और उत्‍पादों को कम ट्रेड टैरिफ पर बेचे जाने की छूट मिलती है। भारत ने तो पाकिस्तान को मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दे दिया पर पाकिस्तान की ओर से भारत को ये दर्ज नहीं मिला, हाँ ये सच हैं की पाकिस्तान ने वर्ष 2012 में भारत को मोस्‍ट फेवर्ड नेशन यानी विशेष तरजीह देश का दर्जा देने का ऐलान किया था, लेकिन अभी तक उस ऐलान पर अमल नहीं किया।

इस फैसले का दोनों देशों पर किस तरह से होगा असर :

भारत और पाकिस्तान के बीच कई तरीकों से व्यापार होता है, जैसे कि सीमेंट, चीनी, ऑर्गेनिक कैमिकल्स, कॉटन, फिलामेंट, सब्जी, फल, मिनरल ऑयल्स, नमक, लाइम, ड्राय फ्रूट्स और स्टील जैसे और कई सामानों का व्यापार होता है । अब इन सारे चीजों के व्यापार पर भारत समीक्षा करेगा।

सूत्रों के अनुसार, एक ट्रेड एक्सपर्ट के मुताबिक इस दर्जे को वापस लेने का मतलब है भारत अब पाकिस्तान से आने वाले सामान पर सीमा शुल्क को कितना भी बढ़ा सकता है। जिसकी वजह से पाकिस्तान को आर्थिक रूप से काफी नुकसान उठाना पढ़ सकता है अगर भारत चाहें  तो, भारत को उसके मुकाबले मे कम नुकसान होगा क्योंकि आर्थिक रूप से जो security भारत ने पाकिस्तान को दी थी, वो पाकिस्तान ने भारत को कभी दी हि नहीं, इसीलिए इस फैसले का जो भी असर होगा वो पकिस्तान पर होगा.

व्यापार की संक्षिप्त में आकडेवारी :

भारत और पाकिस्तान के बीच 2016-17 में 2.27 अरब डॉलर का व्यापर हुआ (16 हजार करोड़ रुपए) था।

2017-18 में ये बढ़कर 17 हजार करोड़ रुपए हो गया।

भारत ने 2017-18 में 48.8 करोड़ डॉलर का आयात किया था और 1.92 अरब डॉलर का निर्यात किया था।

भारत पाकिस्तान से फल, सीमेंट, चमड़ा, कैमिकल और मसालों का आयात करता है।

इसी तरह के कई फ़ैसलें  इंडिया ने पाकिस्तान के खिलाफ लिए है और उन फैसलों को दुनिया के कई देशों ने भी समर्थन दिया हैं। 

 

किसीकी ख़ामोशी को उसकी, कमजोरी मत समझ लेना।

क्योंकि वक्त नहीं लगता बनने में, समंदर को सैलाब यहा।

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