अमेरिका और भारत के रिश्ते में बढ़ती हुई नजदीकियां

आज अमेरिका और भारत के रिश्ते में जबरदस्त उछाल आया है जो पहले कभी नहीं है। भारत से दूरी बनाने वाला कभी अमेरिका आज भारत को सबसे बड़ा दोस्त कहने लगा है।

इसका बेहतरीन उदाहरण आप एनएसजी में देख सकते हैं जिसमें अमेरिका भारत की बेहतरीन मदद कर रहा है। लेकिन कुछ कारणों से यह सफल नहीं हो पा रहा है। अमेरिका और भारत के रिश्ते में जबरदस्त उछाल 2014 से जब प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की सत्ता संभाली तो उन्होंने भूतपूर्व अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से मित्रता की और भारत और अमेरिका के रिश्ते में गर्माहट और जोश भर दिया जो आज बहुत महत्वपूर्ण है। जब अमेरिका के चुनाव हो रहे थे तब शायद ऐसा लग रहा था की दोनों पार्टी में कोई भी नेता जीते मैं भारत के लिए ठीक रहेगा वह भी कुछ ऐसा ही चुनाव में राष्ट्रपति का चुनाव ट्रंप ने जीता और उनकी भी नीतियां भारत को लेकर ठीक वैसी ही है जैसी बराक ओबामा की थी।

 

एशिया में शक्ति संतुलन

अमेरिका एशिया में संतुलन बनाए रखने के लिए भारत से और गर्माहट चाहता है जो रिश्ते में एक नए आयाम भरते रहें। साथ ही भारत भी चाहता है कि वह एशिया में शक्ति संतुलन बनाए रखें। अमेरिका और भारत की दोस्ती का एक बेहतरीन उदाहरण आप भारत और अमेरिका दोनों मिलकर अफगानिस्तान में आतंक विरोधी अभियान चला रहे हैं। जो पहले पाकिस्तान की मदद से किया जाता था अब भारत के कहने पर पाकिस्तान को दरकिनार करने वाला अमेरिका अब उसमें नया परिवर्तन कर रहा है जिसमें वह भारत को जगह दे रहा है।

 

भारत और अमेरिका का सहयोग

आज भारत अमेरिका का सबसे बड़ा और अच्छा सहयोगी है और वह एक व्यापार के मामले में आयात निर्यात भी की भी नीतियों भारत अनुकूल बनाता जा रहा है। और उसने कई ऐसे समझौते किए हैं जो शायद दुनिया की नजर से परे है।

साथ ही भारत इस मौके को बखूबी भुनाने में लगा है। मैं नहीं चाहता कि ऐसा कोई भी मौका छूटे जिससे भारत और अमेरिका के रिश्तों में गर्माहट ना भरी जाए। कुछ दशक पहले अमेरिका पाकिस्तान का दोस्त हुआ करता था। साथ ही भारत से कोई सहयोग नहीं करता था यह परिवर्तन ज्यादा हुआ हैै। प्रधानमंत्री की सत्ता में जब से प्रधानमंत्री मोदी आए हैं तब से अमेरिका समेत अन्य राष्ट्रों की नजर में भारत एक बड़ा सहयोगी बनकर उभरा है। आज भारत एक ऐसा राष्ट्र बन चुका है जो हर किसी से मधुर संबंध रखना चाहता है उनमें से अमेरिका एक  है।

 

अमेरिका को भारत की जरूरत

अमेरिका की एक मजबूरी है अगर मैं भारत से दोस्ती ना करें तो चीनी कड़वाहट उसे महंगी पड़ सकती है। क्योंकि चाइना साउथ चाइना सी पर कब्जा करना चाहता है। जो कि एक बड़ा व्यापारिक है इससे भारत समेत दुनिया के सभी देशों का बड़ा व्यापार होता है। साउथ अमेरिका और चाइना में सुपर पावर बनने की होड़ भी लगी हुई हैै।

इसलिए अमेरिका के लिए भी यह जरूरी हो गया है कि उसका एशिया में कोई ऐसा सहयोगी हो जो फ्रीसिया में शक्ति संतुलन बनाए रखें और अमेरिका की साख बनी रहे।