अगर आपको चाहिए धन वैभव सुख और संपन्नता दो करिए भगवान शिव की स्तुति इस प्रकार से

lord shiva

हमारे पुरातन शास्त्रों और पुराणों में अनेक मंत्रों का उल्लेख किया गया है जिनके सपने मात्र से कई समस्याओं का निदान हो जाता है वैसे तो भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए बहुत सारे मंत्र है लेकिन महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव का अत्यंत प्रिय मंत्र है इस मंत्र के जाप से ही व्यक्ति मौत पर भी जीत हासिल कर सकता है

इस मंत्र के जाप से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और असाध्य रोगों का समाधान होता है शास्त्रों में इस मंत्र में अलग-अलग कार्य अलग-अलग संख्या में मंत्रों का जाप करने का विधि विधान है

1. 11000 बार मंत्र का जाप करने से असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है

2. 11,000 बार मंत्र का जाप करने से भय से छुटकारा मिल जाता है

3. महामृत्युंजय मंत्र का सवा लाख बार जाप करने से सुपुत्र की प्राप्ति होती है और उन्नति का आगमन होता है इसके साथ ही अकाल मृत्यु टल जाती है

4. पूर्ण श्रद्धा भाव और विश्वास से साधना करने से मनचाहे फल की प्राप्ति होती है
मंत्र

.ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।

 

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌॥

 

महामृत्युंजय मंत्र को जाप करते समय रखें निम्न सावधानियां

महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण सही तरीके से और शुद्धता के साथ करना चाहिए जाप करते समय एक गलती आप पर भारी पड़ सकती

मंत्र के जाप के लिए निश्चित संख्या निर्धारित कल लिंग जाप की संख्या धीरे धीरे पड़ा है किंतु कम ना करें

इस मंत्र का जाप धीमे स्वर में करें मंत्र का जाप करते समय इसका उच्चारण ऑटो से बाहर नहीं आना चाहिए

महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण भगवान शिव के प्रतिमा के समक्ष या महामृत्युंजय यंत्र के समक्ष करें

महामृत्युंजय जाप करने के समय धूप दीप प्रज्वलित रहना चाहिए

मंत्र का जाप सदैव पूर्व की दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए जब तक मंत्र का जप होगा कितने दिनों तक तामसिक चीजों का सेवन निषेध होता है