अगर प्रदूषण को कम नहीं किया गया तो खत्म हो सकती है मानव सभ्यता।

If pollution is not reduced, then human civilization may end.

आज हमारे देश भारत में प्रदूषण की समस्या बहुत अधिक बनी हुई है जो बहुत ही हानिकारक है यह समस्या हमारे लिए बेहद बीमारियां लगती है जो हमारी जान तक ले सकती हैं आज हमारे देश में उन्नति तो बहुत की है लेकिन शायद हमारे लिए बहुत परेशानियां भी लाया है

 

प्रदूषण के कारण और उससे होने वाली है हानी।

हमने बहुत कारखाने लगाए लेकिन इनमें प्रदूषण रोकने का कोई इंतजाम नहीं लगाया जिसका कारण है कि हम आज ढंग से सांस तक नहीं ले पा रहे हैं और ना ही आजाद होकर घूम पा रहे हैं। आज प्रदूषण ने हमें इस तरीके से जकड़ रखा है कि हर जगह प्रदूषण ही प्रदूषण है आज दिल्ली का हाल ही कुछ अलग है। दिल्ली में 1 आदमी अगर एक दिन सांस लेता है तो वह हॉस्टल तीसरे ग्रेड के बराबर है मतलब मैं दिन में 30 सिगरेट पी जाता है। इतनी जहरीली हो चुकी है दिल्ली की हवा दूसरे नंबर पर आता है गाजियाबाद जहां की टेंशन बहुत ज्यादा है जो मानव स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है इसके अनेक कारण हैं हमने प्रदूषण को खुद ही बनाया है ।

 

बेस्ट का सही से निवारण न होना।

शायद इसका कारण हमारी लापरवाही सबसे ज्यादा रही है हम कारखाने तो बनाते हैं लेकिन उसके बेस्ट का कोई इंतजाम नहीं करते और उसे ऐसे ही फेंक देते हैं। उससे अनेक कीटाणु अनेक काम कर निकलते हैं जो वह कर पानी में मिलते हैं। वही पानी हम पीते हैं और बीमार होते हैं और फिर लाखों रुपए हम बीमारी पर ठोकते हैं। अगर हमने उसका उचित इंतजाम कर लिया होता तो शायद हमारा कितना पैसा बचा था। आजकल सब यही सोचते हैं कि अपना कार्य करो तो मैं दुनिया से क्या लेना देना अगर यही स्थिति रही तो हमारा एक दिन जीना आत्मा सांस लेना तक दुश्वार हो जाएगा अतः हमें यह याद रखना चाहिए कि प्रदूषण दूसरों को ही नहीं हमें भी हानि पहुंचाता है

प्रदुषण फैलने से रोकना होगा।

इसे फैलने से रोकना हमारी भी जिम्मेदारी है फैक्ट्रियों को इसका उचित निदान करना चाहिए और हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि हम इसको फैलने से कितना कम कर सकते हैं। अपने बेस्ट को कितना यूज कर सकते हैं असल में प्रदूषण फैलाने एक बड़ी वजह हमारी आबादी भी है। हम अपने लिए ही केवल सोचते हैं और उससे हमें क्या लेना देना यही सोच दूसरों के लिए ही नहीं हमें अपने लिए भी खतरा मोल देती है हमारी सरकार को भी यह देखना चाहिए कि कौन सा कारखाना उचित जगह पर लग रहा है और उसका क्या इंतजाम है और कौन कहां से क्या कर रहा है।

 

प्रदुषण के कई प्रकार है।

प्रदूषण कई प्रकार के होते हैं जो मैं आपको बता रहा हूं जल प्रदूषण यह प्रदूषण होता है जो जल को खराब उसमें अनेक प्रकार की अशुद्धियां मिलाता है। जो शायद हम कभी-कभी पी लेते हैं तो उसने हमें कई बीमारियां होती हैं जैसे:- टाइफाइड,बुखार,पेंचिस,कालरा आदि और एक होता है। वायु प्रदूषण यह प्रदूषण जहरीली गैसों और धुआँ से फैलता है इससे हमें अनेक बीमारियां होती है जैसे:- गुर्दे और फेफड़ों का खराब हो जाना फेफड़ों की बीमारी से हमें टीवी हो सकती हैं। और एक प्रदूषण होता है ध्वनि प्रदूषण अत्याधिक आवाज के कारण उत्पन्न होता है। जो मनुष्य को तनाव पागलपन और सनकी बना देता है और सबसे ज्यादा होता है मृदा प्रदूषण इसमें मुर्दा के पोषक तत्व समाप्त हो जाने से भूमि बंजर हो जाती है जो किसी काम की नहीं रहती यह सबसे हानिकारक होता है। इसमें कुछ नहीं होता यह बिल्कुल बेकार हो जाती है इसमें ना तो कुछ उगाया जा सकता है नहीं से किसी काम में लाया जा सकता है।

अत: प्रदूषण को रोका जाना चाहिए हमारी और सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रदूषण पर नियंत्रण किया जाना चाहिए और इस पर सख्ती से कानून बनाए जाने चाहिए और शक्ति से इनका पालन कराया जाना चाहिए।

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