सवर्ण आरक्षण अध्यादेश पर सरकार की मनसा कामयाब

General Reservation

सवर्ण आरक्षण बिल 323 मतों से हुआ पास विरोध में पड़े केवल तीन मत

सामान्य वर्ग अथवा सवालों आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण देने की सरकार की मंशा पूरी हो गई है लोकसभा में सवर्ण आरक्षण बिल पास हो गया है 8 January आज सवर्ण आरक्षण अध्यादेश पारित कर दिया गया है इस विधायक के पक्ष में 323 मत मिले जबकि विरोध मैं केवल तीन सदस्यों ने ही मतदान किया सामान्य वर्ग आरक्षण विधेयक पास हो जाने के बाद सभी धर्म में गैर आरक्षित जातियों को फायदा मिल सकेगा इससे पहले सामान्य आरक्षण के मुद्दे पर शाम 5:00 बजे से चर्चा शुरू हुई रात 10:00 बजे तक चली इसके बाद वोटिंग प्रारंभ हुई जिसमें संविधान संशोधन विधेयक के पक्ष में 323 मत दिए गए जबकि इसके विरोध में केवल 3 सांसदों ने मतदान किया सभा आरक्षण विधायक लोकसभा में पास हो चुका है आप सरकार के लिए इस विधेयक को पास कराना राज्यसभा में एक बड़ी चुनौती होगी

लोकसभा में विपक्ष समेत लगभग सभी दलों ने संविधान 124 संशोधन 2019 बिल का पुरजोर समर्थन किया है इसके साथ ही सरकार ने दावा किया है कि कानून बनने के बाद यह न्यायिक कसौटी पर खरा उतरेगा क्योंकि इसे संविधान संशोधन के जरिए लाया जाएगा लोकसभा में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने विधायक पर चर्चा के जवाब में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी सरकार बनने के बाद सामान्य वर्ग के गरीबों की स्थिति के बारे में सोचा और फिक्र की है उन्होंने यह साबित किया कि हर कदम पर सरकार सामान्य वर्ग के साथ है इसके बात सदन में तीन के मुकाबले 323 मतों से विधेयक को पारित कर दिया गया अन्नाद्रमुक iuml mimim ने इस बिल का विरोध किया चर्चा के दौरान जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री गहलोत ने कहा कि बहुत सारे सदस्यों ने यह आशंका जताई है कि 50 परसेंट आरक्षण की सीमा है यह कैसे होगा जो पहले फैसले किए गए वह संवैधानिक प्रधान के बिना हुए थे

केंद्रीय मंत्री ने कहा की नरसिंह राव सरकार ने संवैधानिक प्रधान के बिना 10% आरक्षण जारी किया था जो अनुकूल नहीं था और उसे नहीं करना चाहिए था मंत्री ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति और नियत को अच्छा बताया इसलिए संविधान में प्रावधान करने के बाद आरक्षण देने का काम करने को कहा