जश्ने ईद ए मिलादुन्नबी

eid

मीलाद उन-नबी इस्लाम धर्म के मानने वालों के कई वर्गों में एक प्रमुख त्यौहार है। इस शब्द का मूल मौलिद है जिसका अर्थ अरबी में “जन्म” है। अरबी भाषा में ‘मौलिद-उन-नबी’ का मतलब है हज़रत मुहम्मद का जन्म दिन है। यह त्यौहार 12 रबी अल-अव्वल को मनाया जाता है मीलाद उन नबी संसार का सबसे बड़ा जशन माना जाता है। 1588 में उस्मानिया साम्राज्य में यह त्यौहार का प्रचलन जन मानस में सर्वाधिल प्रचलित हुआ।

islam

हर साल के मुताबिक इस साल भी जश्ने ईद ए मिलादुन्नबी का जुलूस कल
सुबह 21/11/2018 को ठिक सुबह 9:00 बजे

वडगावशेरी के जामा मस्जिद से निकलेगा जुलूस आगे #टेम्पोचौक से होते हुए #सोमनाथनगर से आगे #गणेशनगरचौक होते आनंदपार्क_चौक से आगे #भाजीमंडई होते हुए वापस जामा मस्जिद वडगाव शेरी के पास आएगा

जुरुरी ऐलान

जुलूस मे किसी भी किसम का गाणा या DJ नहीं बजाया जाएगा ना ही जुलूस मे कोई गलत नारा लगाया जाएगा तो आप इस्लामतमाम हजरात से मोतबाना गुजारिश हे जुलूस में आणे की कोशिश करे

मिनजानिब:- जामा मस्जिद वड़गांवशेरी
मस्जिद -ए-कुबा गणेश नगर
नुरे ईलाही मस्जिद सोमनाथनगर