जैसा की आप सब जानते है कि विज्ञान आज के दौर में किस उचाई को छू रहा है। ऐसे कई सारी वैज्ञानिक से जुडी हुई चीजें है जो लगभग एक चमत्कार से कम नही कहा नही जाता। जैसा की आप सब जानते है। विज्ञान की दुनिया में तब तक कोई बात सच साबित नही होती जब तक उसका पूरा प्रमाण न मिल जाये। वैज्ञानिक बहुत मेहनत करते है। उनके अविष्कार को पूरा करने के लिए और उसे प्रमाण करने के लिए वैज्ञानिक कई तरह के वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट करते रहते है। लेकिन क्या आप जानते है। कि विज्ञानं के इतिहास में कई ऐसे अजीबो-गरीब वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट हुए  है। की जो बहुत ही अलग और इंसानियत के विरुद्ध के नजर से देखे गए है। ऐसे वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट इतने अनैतिक है।  जिसे आप विभज भी कह सकते है।

dr duncan macdougall weight of the human soul

ऐसे वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट को ज्यादा समय नही लगा बन करने में और ऐसे वैज्ञानिक एक्सपेरिमेन्ट करने वाले वेज्ञानिको को आप शायद पागल साइंटिस्ट भी कहोगे। लेकिन जब आपको इनके वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट में से कुछ ऐसी अनोखी जानकारी के बारे में जानोगे तो आपको बहुत हैरानी होगी। इन वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट में आपको कोई न कोई अनोखी जानकारी जरूर मिलेगी। तो आज हम बात करेंगे 1907 के एक चोका देने वाले वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट की। एक ऐसा वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट जिसके बारे में शायद ही आपने कभी सोचा होगा। ऐसा ही एक वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट किया Dr duncan macdougall

Dr Duncan Macdougall

Dr Duncan Macdougall weight of the human soul

Dr Duncan Macdougall का  जन्म सन 1866 में अमेरिका में हुआ था। इन्होंने Soul यानि आत्माओ का वजन मापने की कोशिश की यह सुन कर ही आपको अजीब लग रहा होगा की वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट  में Soul का वजन मापने का क्या कारण है। पर यह वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट  इस ही था। इस वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट  को अंजाम देने के लिए 6 पेशेंट्स को चुना गया। ऐसे पेशेंट्स जिनकी मौत जल्द ही होने वाली थी। चुने गए पेशेंट्स को मरने से पहले ही उन्हें एक Weight scale पर लेटाया गया और उन पेशेंट्स का मरने से पहले का वजन मापा गया ताकि मरने के बाद जो वजन आये उसको मारने से पहले के वजन से फर्क देखा जा सके। जैसा की आप सब जानते है कि हिन्दू पुराण ग्रन्थ में  यह लिखा हुआ है कि मरने के बाद आत्मा शारीर का साथ छोड़ देती है।

dr duncan macdougall weight of the soul

इसी आत्मा का वजन Dr duncan macdougall मापना चाहते थे। ऐसे ही एक-एक करके उन्होंने सभी पेशेंट्स पर वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट किया और पहले पेशेंट्स के वजन से 21 ग्राम की कमी आयी। ऐसे ही दूसरे पेशेंट्स का वजन कम यो हुआ लेकिन कुछ देर बाद उनका वजन पहले जैसा हो गया। दूसरे दो पेशेंट्स का वजन में भी कमी आयी लेकिन कुछ देर बाद देखा गया कि उन पेशेंट्स का वजन पहले से भी ज्यादा हो गया। एक पेशेंट्स की मौत Equipment सेट होने के दौरान ही हो गयी। तो उसका वजन नही माप सके। तो आखिरी में एक आखिरी पेशेंट्स के मरने के बाद का वजन पाया गया कि उसके वजन में कोई बदलाव नही था। लेकिन एक मिनट के बाद ही तक़रीबन उस पेशेंट्स का वजन 28 ग्राम काम हो गया।

dr duncan macdougall weight of the soul

इस वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट में सबका वजन अलग-अलग होने के कारण। यह बात साबित नही हुई की आत्मा जैसी भी कोई चीज होती है। नही तो हर बार सारे पेशेंट्स जिन पर वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट  किया गया था उन सबका वजन एक जैसा ही रहता लेकिन इस वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट  में ऐसा नही हुआ।

dr duncan macdougall weight of the soul

इस वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट  का निष्कर्ष यह निकला की सभी पेशेंट्स के मारने के बाद उनके शरीर में वजन की कमी इसलिए हुई क्योकि मौत के बाद शरीर में बदलाव होते है। जैसे ब्लड का क्लॉट होना, फेफड़ो से आखिरी सास का बहार आना, कैमिकल रिएक्शन द्वारा उत्पन्न हुए गेस का शरीर छोड़ना और अन्य कई चीजें। और गवर्मेन्ट ने इस वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट  का रिजल्ट गवर्नमेंट के पास पहुचने के बाद गवर्मेन्ट ने ज्यादा समय नही लिया और इस वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट  पर रोक लगा दी क्योकि यह वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट अनैतिक है। और मानवता के आधार पर ठेस पहुचने के रूप में देखा गया।

 

Facebook Comments