The accidental Prime Minister ट्रेलर को बैन करने वाली याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने की खारिज।

The Accidental Prime Minister

दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर का ट्रेलर पर प्रतिबंध लगाने वाली याचिका खारिज कर दी गई है जिसके बाद याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। वकील अरुण के जरिए याचिकाकर्ता द्वारा याचिका में कहा गया है की ट्रेलर में भारतीय दंड संहिता धारा 416 का उल्लंघन किया गया है।

 

कानून में जीवित चरित्र जीवित व्यक्ति का प्रतिरूप ओपन करना स्वीकार करने वाला नहीं है। याचिका में अदालत से केंद्र गूगल यूट्यूब सीबीएसई को निर्देश जारी करने का अनुरोध शामिल था ताकि द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर का ट्रेलर को प्रदर्शित करने से रोका जा सके।

 

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि सेंसर बोर्ड कानून के प्रावधानों का दुरुपयोग किया गया है। और फिल्म के डायरेक्टर ने ट्रेलर को जारी कर दिया है जिससे प्रधानमंत्री पद की गरिमा एवं सभी को अत्यंत नुकसान पहुंचा है। तथा इसकी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत बदनामी हो रही है।

 

इससे पहले पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में फिल्म के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई थी आने बाली 11 जनवरी को द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर बनी फिल्म देश के सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी।

याचिकाकर्ता ने तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध किया है। बिहार की एक अदालत में भी फिल्म के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था बिहार के याचिकाकर्ता सुधीर इस फिल्म के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपमानित करने का गंभीर आरोप लगाया है।

 

पूर्व प्रधानमंत्री पर बनी फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर 11 जनवरी को भारत के सिनेमाघरों में रिलीज होगी इस फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का करदा अनुपम खेर निभा रहे हैं।

 

अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह भारत के 2004 से लेकर 2014 तक प्रधानमंत्री रहे इनका कार्यकाल 10 वर्ष तक था जब 2014 में चुनाव हुए और बीजेपी को बहुमत मिला तब डॉ मनमोहन सिंह का कार्यकाल समाप्त हो गया था।

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