उत्तर प्रदेश : योगी आदित्यनाथ द्वारा गोवंश की फ़िक्र।

Now Yogi Adityanath will have to apologize for legal action

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 जनवरी तक सभी बेसहारा पशुओं को गो आश्रय केन्द्रों में पहुंचाने का आदेश देकर गोवंश संरक्षण के प्रति संकल्पबद्धता का एक बार फिर परिचय दिया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही गोवंश वध पर सख्ती से रोक लगा दी थी। इसके बाद पूरे प्रदेश में बेसहारा पशुओं की फौज गाँवो, खेतों और राजमार्गों पर दिखने लगी। इन पशुओं के कारण एक तरफ खेती का नुकसान हो रहा है तो दूसरी तरफ सड़को पे हादसे हो रहे हैं। इसके चलते लोग स्वभाविक रूप से परेशान हो रहे हैं।

अब मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रत्येक जिले में गोआश्रय केंद्र स्थापित करके बेसहारा पशुओं को उनमे रखा जाए। मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट है कि गोवंश संरक्षण के सवाल पर किसी भी वजह से कदम पीछे नही खीचेंगे। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने बेहद महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि अपने वृद्ध और गैर दुधारू पशुओं को बेसहारा छोड़ देने वाले किसानों का पता लगाकर उनके खिलाफ कारवाई की जाए।

मुख्यमंत्री का यह आदेश वास्तव में समस्या के मूल पर प्रहार हैं। बेसहारा पशुओं की समस्या कुछ ह्रदय हीन किसानों की असवंदनशीलता का प्रमाण है जो अपने व्रद्ध पशुओं को बेसहारा छोड़ देते हैं। यदि जिला प्रशासन ऐसे किसानों को चिन्हित करने में सफल होता है तो यह बड़ी उपलब्धि होगी।