नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में हुआ पास

लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास हो गया है इस बिल पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले इस देश में बाहर से आए अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता देने की चर्चा की गई है और वकालत भी की गई है राजनाथ सिंह ने कहा कि असम में कुछ कुछ समय से कुछ समुदायों को आदिवासी का दर्जा देने की मांग की जा रही है

जिसे अब मान लिया गया है गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा यह अध्यादेश सिर्फ असम के लिए ही नहीं बल्कि 6 देशों से आने वाले citizen नागरिक को भारत में काम करने और भारत में रहने का अधिकार होगा गृह मंत्री ने का कि अगर कोई इसाई भारत का मूल निवासी है कहीं रहा है तो उसे भी हिंदू बौद्ध जैन सिख की तरह पूर्ण नागरिकता दी जाएगी गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी सदस्यों से इस दिल का पुरजोर समर्थन करने की प्रार्थना की ध्वनि मत से नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पास किया गया

निचले सदन लोकसभा में नागरिकता संशोधन अध्यादेश पर हुई चर्चा के दौरान सवाल का जवाब देते हुए राजनाथ सिंह ने बयान देते हुए का कि असम के लोगों के बीच इस अध्यादेश को लेकर जो बातें और अफवाहें फैलाई जा रही हैं वह पूरी तरह से काल्पनिक और बेबुनियाद हैं गृहमंत्री ने कहा कि असम पर किसी तरह का दबाव या अतिरिक्त बोझ नहीं आने दिया जाएगा बल्कि पूरे भारत इस बोझ को सहने के लिए तत्पर्य है उन्होंने कहा कि देश का विभाजन धर्म विशेष के आधार पर हुआ यह बहुत ही दुखद घटना थी लेकिन बांग्लादेश और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार नहीं दिए गए

अब जब मजहब के आधार पर देशभक्ति गया हो तब इन देशों के अल्पसंख्यक कहां रहेंगे राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी धर्म के आधार पर नागरिकता नहीं दी जा सकती