मुख्यमंत्री कमलनाथ के फैसले का भाजपा ने किया खुलकर विरोध राजनीती में मचा बवाल।

मध्य प्रदेश में देखा जाये तो पिछले पंद्रह सालो से बीजेपी की सरकार चल रही थी और पिछले पंद्रह सालो में मध्य प्रदेश में बीजेपी सरकार ने कांग्रेस के हर अच्छे बुरे काम में नजर रखी हुई थी। बीजेपी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रखी थी। इस बीच बीजेपी की पूर्व सरकार में कई ऐसे नेता है।

जिनको गैरकानूनी काम करने पर या धोखा दरी और केस भी किया हुआ जो अभी भी चल रहा है। इस दौरान कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में विधान सभा के चुनाव जीत कर मध्य प्रदेश में 15 सालो के बाद एक बार फिर से अपना शाशन बना लिया है।

 

बीजेपी शिवराज सिंह के शासन काल में उन तमाम नेता जिन पर केस दर्ज किया हुआ था। कांग्रेस के विधान सभा चुनाव जीतने के बाद जितने के बाद मंत्रियों पर केस लगे थे उन सब के शव को बंद करने का आदेश दिया है। कांग्रेस सरकार के आने के बाद उन सभी केसों को बंद करने का एलान किया है।

 

आपको बता दें कि जोकेश कांग्रेस सरकार के मंत्री पर लगे थे उनमें से कई मंत्रियों पर गंभीर आरोप थे और कई ऐसे मंत्री थे जिन पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए गए थे कांग्रेस के मध्य प्रदेश में सरकार आते ही उन्होंने इन केशो को बंद करने के ऐलान करते हुए कहा कि यह सारे केस राजनीति के कारण कराए गए थे। यह सारे केस राजनीति के लिए झूठे आरोपों में लगाए गए और जान बूझकर यह केस दर्ज करवाए गए। यह जानकारी मध्यप्रदेश की कानून मंत्री ने खुद दी है।

 

यही वजह सामने आ रही है कि विपक्ष में बैठे भाजपा नेताओं को का मुख्यमंत्री कमलनाथ की यह अलार्म पर रहा नहीं जा रहा है। और भाजपा की तरफ से जबरदस्त प्रहार किया जा रहा है कि यदि इन आरोपों में कोई भी जुटाई है तो उसका बुरा जनता के सामने लाना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह आरोप झूठे हैं।

 

या सच ऐसा ही एक बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आते ही किया था। उन्होंने कांग्रेस के और समाजवादी पार्टी के जितने भी कार्यकर्ता हैं जिनके ऊपर गंभीर आरोप पर भ्रष्टाचार के केस थे। उन सब पर कार्रवाई करने का ऐलान किया था। इस बीच समाजवादी पार्टी और कांग्रेस वालों में जबरदस्त एक दूसरे के विरुद्ध राजनीतिक देखने को मिली थी।