तीन तलाक पर बीजेपी की अग्निपरीक्षा

tripel talaq bill

लोकसभा में तीन तलाक बिल पास हो गया है अब बीजेपी के सामने अग्नि परीक्षा है कि वह राज्यसभा में यह बिल कैसे पास करवाती है क्योंकि राज्यसभा में उसके पास पर्याप्त सांसद नहीं है और ना ही उसके सहयोगी दलों का बहुमत है

तीन तलाक 22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दे दिया था जिसके बाद बीजेपी ने पिछले वर्ष लोकसभा में तीन तलाक बिल लाया था जो बाद में राज्यसभा में पारित नहीं हो पाया एक बार फिर बीजेपी तीन तलाक के बहाने मुस्लिम महिलाओं के वोटों को लुभाने की कोशिश में है अगर यह अग्नि परीक्षा में पास कर लेती है तो शायद मैं ऐसा कर पाए इससे मुस्लिम महिला बीजेपी से काफी प्रभावित होगी अगर मैं ऐसा नहीं कर पाती है तो एक बार फिर मुस्लिम महिलाओं के लिए नर्क के दरवाजे खुल जायेंगे जिसका नाम तीन तलाक है

तीन तलाक पर बिल क्यों लाना पड़

आपके मन में यह सवाल जरूर जाग रहा होगा आखिर क्या बात हुई जो bill लाना पड़ा सरकार को तो हम आपको बता दें ऐसा इसलिए हुआ कि हमारे देश में एकमात्र के तुलना में 4 मुस्लिम औरतें तलाकशुदा है हर महीने कम से कम 500 महिलाओं को तीन तलाक दे दिया जाता है इनकी कुछ गलती नहीं होती मुस्लिम पुरुष इन छोटी-छोटी बातों पर तलाक दे देते हैं जैसे खाना देर से बना तो तलाक तलाक अगर देर से सोकर उठा तो तलाक अगर गलती हो गई तो तलाक मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी का सबसे बड़ा यह कांटा है जिसे तलाक कहा जाता है आज राजनीतिक पार्टियां इन पर अपनी राजनीतिक रोटी पका रही है

वोट बैंक की राजनीति के लिए महिलाओं से धोखाधड़ी करने में जुटी राजनीतिक पार्टियों

राजनीतिक फायदे के लिए कई राजनीतिक पार्टियां महिलाओं के साथ धोखाधड़ी करने पर आमादा है वह नहीं चाहती कि मुस्लिम धर्म से तीन तलाक का कोई भी बदलाव हो इसके लिए बाय मुस्लिम पुरुषों के साथ खड़ी हैं और वह नहीं चाहती कि तीन तलाक को लेकर कोई बिल पास हो या कोई कानून बने लेकिन राजनीतिक पार्टियों को यह समझना होगा कि केवल वोट बैंक की राजनीति नहीं करनी चाहिए उन महिलाओं की आत्मा को समझना चाहिए जो इन से गुजरती है एक बेटी की शादी पिता माता बड़े अरमानों के साथ करते हैं और 2 दिन के बाद उस बेटी को अगर तलाक दे दिया जाए तो क्या गुजरती होगी अम्मा बापू पर क्या गुजरती होगी उसी पर यह और राजनीतिक पार्टियों को समझना होगा